लखनऊ। दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि BJP देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है और सोनम वांगचुक की चिकित्सा न्यायिक निगरानी में होनी चाहिए। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने सोनम को गालियां देते हुए घसीटकर ले गई और उनके साथ भी मारपीट की गई।
यह भी पढ़ें: सोनम वांगचुक को पुलिस जंतर मंतर से सफदरजंग ले गई
डिंपल बोलीं — BJP लाई कफन
सपा सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वांगचुक को चादरों में लपेटकर उठाना भाजवा की दमनकारी सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जो सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बर्दाश्त नहीं कर सकती वह संविधान और लोकतंत्र दोनों को आहत करती है। वांगचुक जैसे समाजसेवी की आवाज दबाना देश की चेतना को कुचलना है।
अखिलेश — सरकार नहीं अहंकार है
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सोनम वांगचुक को बल-प्रयोग करके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है और वांगचुक को लेकर गहरी चिंता है।
अखिलेश यादव ने मांग की कि सादी वर्दी में कार्रवाई को अंजाम देने वालों की पहचान सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि वांगचुक की चिकित्सा न्यायिक निगरानी में होनी चाहिए क्योंकि उनका जीवन मानवता, पर्यावरण संरक्षण, लोकतांत्रिक मूल्यों और युवा ऊर्जा के लिए अनमोल है।
उन्होंने कहा — “भाजपा ने न कभी गांधी जी में विश्वास किया न उनके गांधीवादी तरीकों में। भाजपा सरकार नहीं, अहंकार है।” उन्होंने कहा कि दमनकारी कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की मानवीय और लोकतांत्रिक छवि को धूमिल किया है।
यह भी पढ़ें: CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने शुरू की भूख हड़ताल
दीपके — ये RSS के गुंडे हैं
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि सुबह सात बजे जब वे फ्रेश होने के लिए निकले तो पुलिस वहां पहुंच गई और सोनम वांगचुक को गालियां देते हुए घसीटकर ले गई।
उन्होंने कहा — “60 साल का एक व्यक्ति जो 20 दिनों से भूख हड़ताल पर था — दिल्ली पुलिस उन्हें जबरदस्ती घसीटकर ले गई।”
दीपके ने दावा किया कि जब वे जंतर मंतर की ओर लौट रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें रोककर मारपीट की। उन्होंने सवाल किया कि वे विदेश से स्वदेश लौटे हैं — क्या इससे वे अपराधी हो गए? उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सड़क पर मारा।
दीपके ने कहा कि जंतर मंतर का प्रदर्शन दबाया गया तो देश का हर जिला नया जंतर मंतर बनेगा — यह जनता की जिम्मेदारी है। 20 जुलाई को संसद तक मार्च किसी भी हाल में होगा।
बता दें कि सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे थे। लंबे अनशन के कारण उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका था। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस शनिवार सुबह उन्हें अस्पताल ले गई।



