गाज़ीपुर, 8 अगस्त। जमानिया नगर पालिका परिषद में फर्जी लेटर पैड के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद भाजपा के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद परिषद अध्यक्ष धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पार्टी संगठन को भी बीच में आना पड़ा।
फर्जी लेटर पैड का मामला उजागर
भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल को शासन से एक स्वीकृति संबंधी फोन आया, जिससे वह हैरान रह गए। जांच करने पर पता चला कि उनके नाम से भेजे गए लेटर पैड और हस्ताक्षर फर्जी थे। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा से इसकी शिकायत की। बताया जा रहा है कि पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के तहत करीब चार करोड़ रुपये की धनराशि इसी फर्जी लेटर के आधार पर स्वीकृत हुई थी।
शिकायत के बाद एमएलसी के प्रतिनिधि प्रदीप पाठक ने जमानिया कोतवाली में परिषद अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी ने नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर जानकारी लेनी चाही, लेकिन अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार ने इस पर कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
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चेयरमैन का धरना
मुकदमा दर्ज होने के बाद अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता रामलीला मैदान में धरने पर बैठ गए। उन्होंने इसे अपने खिलाफ रची गई राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि पहले भी उन्हें गोवध जैसे मामले में फंसाने की कोशिश हो चुकी है। गुप्ता ने बताया कि उन्हें इसी योजना के तहत करीब सवा तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव पहले भी मिला था, लेकिन उन्होंने इसे इसलिए ठुकरा दिया क्योंकि यह धनराशि ऋण के रूप में थी और वह नगर पर कर्ज का बोझ नहीं डालना चाहते थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व में मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उन्होंने भारी मतों से चुनाव जीता था, जो जनता के भरोसे का सबूत है। धरने में 2012 में जमानिया सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ चुके बालकिशन त्रिवेदी भी शामिल हुए। गुप्ता ने साफ किया कि जब तक मुकदमा वापस नहीं होता और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।
संगठन की मध्यस्थता
विवाद बढ़ता देख भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने कहा कि एमएलसी चंचल और अध्यक्ष गुप्ता दोनों ही पार्टी के जनप्रतिनिधि हैं और संगठन दोनों के साथ समान व्यवहार करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ताधारी दल से जुड़े अध्यक्ष के खिलाफ बिना पूरी जांच के इतनी जल्दी मुकदमा कैसे दर्ज हो गया। राय ने कहा कि दोनों पक्षों को साथ बैठाकर विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी। इस पूरे मामले के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, वहीं विपक्षी दलों को भी निशाना साधने का मौका मिल गया है।
गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धमकी देने की कोशिश की। उनका कहना है कि जब तक इस मामले में उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे रामलीला मैदान का चबूतरा नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने यह इच्छा भी जताई कि यह पूरा मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचे और उच्च स्तरीय जांच के आधार पर ही समाधान निकाला जाए।

