ग़ाज़ीपुर। जनपद में चर्चित होटल व्यवसायी आलोक राय उर्फ डब्लू के पुत्र विनीत राय हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार देर शाम सदर कोतवाली क्षेत्र के कुर्था आदर्श बाजार इलाके में हुई पुलिस मुठभेड़ में हत्याकांड का एक लाख रुपये का इनामी आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद मारा गया। मुठभेड़ के दौरान स्वाट प्रभारी भी गोली लगने से घायल हो गए जिन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यह कार्रवाई जनपद पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
क्या था विनीत राय हत्याकांड
29-30 मई 2026 की रात सदर कोतवाली क्षेत्र के फुल्लनपुर में होटल व्यवसायी आलोक राय उर्फ डब्लू के पुत्र विनीत राय की होटल के गेट पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या ने पूरे जनपद में सनसनी फैला दी थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि रंगदारी देने से मना करने पर हत्या की गई। इस मामले में ‘कटरा गैंग’ के सरगना शंकर पांडेय समेत आलोक दुबे, सोनू यादव, कमलेश बिंद व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्याकांड के बाद से पुलिस पर दबाव था और कई टीमें रात-दिन आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही थीं।
इनाम घोषणा और तलाश
बुधवार को दिन में ही वाराणसी परिक्षेत्र के अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया ने कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय और उसके सहयोगी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इनाम की घोषणा होते ही पूरे प्रदेश की पुलिस के साथ-साथ STF की टीम भी दोनों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश देने लगी और सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया।
कैसे हुई मुठभेड़
पुलिस अधीक्षक ग़ाज़ीपुर डॉ. ईरज राजा के अनुसार शाम को मुखबिर से सूचना मिली कि कमलेश पौहारी बाबा मठ पुलिया के पास मौजूद है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की — पर कमलेश ने पिस्टल से फायर करते हुए मोटरसाइकिल से गंगा नदी की तरफ भागने की कोशिश की। पुलिस ने कंट्रोल रूम को सूचना देते हुए पीछा किया। ग्राम कुर्था ट्यूबवेल के पास खुद को घिरा देख उसने पुनः फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में कमलेश के सीने में गोली लगी। स्वाट प्रभारी रोहित कुमार मिश्रा के हाथ में गोली लगी। करंडा थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक की बुलेटप्रूफ जैकेट में भी एक गोली लगी। कमलेश को जिला अस्पताल ग़ाज़ीपुर ले जाया गया जहाँ चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसके पास से 2 अवैध पिस्टल .32 बोर, 4 खोखे और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की गई।
अपराध की लंबी दास्तान
कमलेश बिंद कोई साधारण बदमाश नहीं था। उसके खिलाफ कोतवाली थाना ग़ाज़ीपुर में 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2017 से लेकर 2026 तक उस पर लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे। इनमें हत्या के प्रयास (धारा 307), मारपीट, संपत्ति को नुकसान, धमकी और BNS की कई गंभीर धाराएं शामिल हैं। इतने लंबे आपराधिक इतिहास के बावजूद वह जनपद में सक्रिय था और कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय का करीबी सहयोगी बना रहा।
बाकी आरोपियों की तलाश जारी
मुठभेड़ की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात हो गया और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। आसपास के इलाके की गहन तलाशी ली गई। पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने बताया कि हत्याकांड के मुख्य सरगना शंकर पांडेय समेत अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस की कई टीमें और STF लगातार उनके संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की विधिक कार्रवाई कर रही है। जनपद में इस कार्रवाई के बाद पुलिस का मनोबल बढ़ा है और प्रशासन का संदेश स्पष्ट है — अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई बिना रुके जारी रहेगी।



