गाज़ीपुर। सावन माह में कांवड़ यात्रा को लेकर गाज़ीपुर जिला प्रशासन ने शनिवार से तैयारियां तेज कर दीं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ ददरी घाट, कलेक्टर घाट और चितनाथ घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही ददरी घाट से महाहर धाम तक के कांवड़ यात्रा मार्ग की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। संबंधित अधिकारियों को समय पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए।
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तीन घाटों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ददरी घाट, कलेक्टर घाट और चितनाथ घाट पर साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय की मौजूदा स्थिति का मुआयना किया। गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर बैरिकेडिंग और अन्य बुनियादी इंतजामों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गाज़ीपुर के विभिन्न घाटों पर आते हैं। इसे देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं-बच्चों की विशेष सुरक्षा
निरीक्षण के दौरान महिलाओं और बच्चों की विशेष सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। घाटों पर बैरिकेडिंग की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। आवश्यक सुधार कार्यों को तत्काल पूरा किया जाए।
इस अवसर पर EO नगर पालिका, क्षेत्राधिकारी नगर और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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ददरी से महाहर धाम मार्ग
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि कांवड़िए ददरी घाट से गंगाजल भरकर महाहर धाम जाते हैं। इस पूरे मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया गया। सड़क की स्थिति, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई।
प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। श्रद्धालुओं को बेहतर माहौल मिले इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर तैयारियां की जा रही हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा और घाटों पर निगरानी लगातार बनी रहेगी।

