📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप के बीच जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जनपदवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। आगामी पाँच दिनों तक रेड अलर्ट जारी रहने को देखते हुए DM ने कहा कि दोपहर 12 बजे से अपराह्न 3 बजे तक अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। उन्होंने लू, आकाशीय बिजली और नदी में डूबने की घटनाओं को लेकर भी कड़ी सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
लू से बचाव — क्या करें, क्या न करें
जिलाधिकारी ने कहा कि लगातार तापमान बढ़ने से डिहाइड्रेशन, लू लगने एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि —
- लगातार पानी पीते रहें — शरीर में पानी की कमी न होने दें
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें
- बाहर निकलते समय सिर को गमछा, टोपी या कपड़े से ढककर रखें
- यात्रा के दौरान पानी साथ रखें
- बच्चों और पालतू जानवरों को धूप में खड़े वाहनों में न छोड़ें
- मजदूर और श्रमिक अधिक गर्मी में लगातार काम न करें — बीच-बीच में विश्राम करें
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लू लगने पर तुरंत करें यह काम
जिलाधिकारी ने बताया कि लू लगने पर शरीर का तापमान अचानक बढ़ना, तेज सिरदर्द, त्वचा का लाल एवं शुष्क होना, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में —
- प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं
- शरीर पर पानी का छिड़काव करें
- पंखे या कपड़े से हवा करें
- होश में हो तो ठंडा पानी पिलाएं
- गंभीर स्थिति में तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाएं
आकाशीय बिजली — लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की अपील
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों और पंचायत सहायकों से पंचायत भवनों, विद्यालयों एवं सार्वजनिक भवनों पर लाइटनिंग अरेस्टर लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है जिससे आकाशीय बिजली से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए पंचायत निधि से भी व्यवस्था की जा सकती है। सभी तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकाशीय बिजली या प्राकृतिक आपदा से जनहानि की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुँचें और राहत वितरण समयबद्ध ढंग से पूरा कराएं।
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नदियों में न जाएं — चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने जनपद की राप्ती, घाघरा एवं सरयू नदियों में बढ़ती डूबने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लोगों से गहरे पानी में न जाने की अपील की। ग्राम प्रधानों और संबंधित अधिकारियों को नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। तेज आंधी-तूफान के दौरान कच्चे एवं जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की भी सलाह दी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति में आमजन की सहायता के लिए तत्पर रहेगा।
