गाज़ीपुर, 3 अगस्त। उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक यातायात एवं सड़क सुरक्षा की ओर से जनपद गाज़ीपुर को दो आधुनिक इंटरसेप्टर वाहन (रॉयल एनफील्ड हंटर 350) प्रदान किए गए। सोमवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने इन हाईटेक बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर, नोडल यातायात राकेश कुमार मिश्र, यातायात निरीक्षक बालेंद्र कुमार सहित यातायात शाखा के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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बाइकों में क्या है खास
इन इंटरसेप्टर बाइकों में कई अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं। स्पीड लेजर गन चलते वाहनों की गति मापने में सक्षम है। हाई विजन और नाइट विजन कैमरा रात में भी निगरानी में मदद करेंगे। नंबर प्लेट पहचान प्रणाली से वाहन की तत्काल पहचान हो सकेगी। ब्रीथ एनालाइजर से शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच की जाएगी। डेसीबल मीटर से ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी। पब्लिक एड्रेस सिस्टम, लाल-नीली फ्लैश लाइट और हूटर भी इन बाइकों में लगे हैं।
इन बाइकों में ऑटोमैटिक ई-चालान की सुविधा भी है। यातायात नियम का उल्लंघन होते ही चालान ऑनलाइन जनरेट होगा और वाहन मालिक के मोबाइल नंबर पर तुरंत संदेश पहुंच जाएगा।
क्षेत्रों में चलेगा अभियान
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि इन बाइकों का उपयोग शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी के लिए किया जाएगा। भीड़भाड़ वाले और आवासीय क्षेत्रों में ध्वनि प्रदूषण पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। ZFD (जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट) के तहत कोतवाली, सैदपुर, कासिमाबाद, नंदगंज और मरदह थानों के क्षेत्र में प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यातायात पुलिस को इन बाइकों के संचालन के साथ विभिन्न श्रेणियों में चालान करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। निर्धारित गति सीमा से अधिक पाए जाने पर संबंधित वाहन के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
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तीन मुख्य लक्ष्य
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन इंटरसेप्टर बाइकों के तीन मुख्य उद्देश्य हैं। पहला, ओवरस्पीड पर अंकुश लगाना। दूसरा, ड्रंकन ड्राइव के मामलों में तत्काल कार्रवाई करना। तीसरा, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखना।
गाज़ीपुर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए यह पहल की गई है। एसपी डॉ. ईरज राजा ने कहा कि इन आधुनिक संसाधनों से यातायात व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और सड़क हादसों में कमी आएगी। ट्रैफिक पुलिस को प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि इन बाइकों का पूरा लाभ लिया जा सके।

