गाज़ीपुर, 3 अगस्त। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को गाज़ीपुर सांसद अफ़ज़ाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। शस्त्र लाइसेंस से जुड़े मामले में कोतवाली थाने में दर्ज FIR रद्द करने की मांग को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 10 अगस्त तय की है। यह FIR 22 जुलाई 2026 को दर्ज हुई थी।
क्या है पूरा मामला
गाज़ीपुर पुलिस दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी के IS-191 गैंग और उसके सहयोगियों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर खरीदे और बेचे गए 145 हथियारों का भौतिक सत्यापन कर रही है। इसके लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं ग्रामीण के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गईं जिन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश तक जाकर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों और लाइसेंसी हथियार विक्रेताओं के रिकॉर्ड की जांच की।
जांच में गाज़ीपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के अभिलेखागार से शस्त्र लाइसेंस और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़ी कई मूल पत्रावलियां गायब मिलीं। कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका। हथियारों की खरीद-बिक्री में अनियमितताओं के तथ्य भी सामने आए।
यह भी पढ़ें: मुख्तार गैंग के शूटर की 9.50 करोड़ की संपत्ति कुर्क
अफ़ज़ाल अंसारी पर आरोप
जांच के दौरान सांसद अफ़ज़ाल अंसारी के नाम पर जारी लाइसेंस संख्या 1188 पी-2 की पत्रावली और उससे जुड़े खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड भी अभिलेखागार से गायब मिले। इसके अलावा उस लाइसेंस पर खरीदी गई राइफल नंबर 830405 की वर्तमान स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो सकी।
इसी आधार पर कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 535/2026 के तहत सांसद अफ़ज़ाल अंसारी, तत्कालीन शस्त्र लिपिक अशफाक अहमद और शस्त्र लिपिक गौरी शंकर राम के खिलाफ आपराधिक साजिश के तहत पत्रावलियां गायब कराने और फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोप में FIR दर्ज की गई। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 120-बी और आर्म्स एक्ट की धारा 21/25 तथा 30 के तहत मामला दर्ज है।
SP ने दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का सत्यापन अभी जारी है। उन्होंने कहा कि जांच में जहां भी अनियमितताएं सामने आएंगी वहां संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि IS-191 गैंग के सदस्यों को जारी लाइसेंसों पर खरीदे और बेचे गए 145 हथियारों की जांच में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी टीमें भेजी गई हैं।
अफ़ज़ाल अंसारी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर FIR रद्द करने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए 10 अगस्त को अगली सुनवाई तय की है। इस मामले में पुलिस की जांच और हाईकोर्ट की सुनवाई एक साथ जारी है।

