गाज़ीपुर। भांवरकोल थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में 24 जून 2026 को हुई अजय यादव (20) की हत्या के मामले में पुलिस को गुरुवार को बड़ी सफलता मिली। थानाध्यक्ष रोहित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर दो वांछित आरोपियों नवीन चौधरी और सुशील चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों वीरपुर गांव के निवासी हैं और रमाशंकर चौधरी उर्फ डमरु चौधरी के पुत्र हैं। मुकदमा संख्या 140/2026 धारा 190, 191(2), 191(3), 103(1) और 61(2) BNS के तहत दर्ज इस मामले में दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
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24 जून को हुई थी हत्या
घटना 24 जून 2026 की है। आरोपियों ने पहले से योजना बनाकर एकजुट होकर अजय यादव पुत्र श्रीकांत यादव पर हमला किया था। हमले में चाकू, लाठी, डंडे और लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया गया। इस बर्बर पिटाई में 20 वर्षीय अजय की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
यह हमला सुनियोजित था — यानी आरोपियों ने पहले से मिलकर रणनीति बनाई और फिर एक साथ हमला किया। यही कारण है कि मामले में धारा 190 (गैरकानूनी जमावड़ा) और 191 (घातक हथियारों से लैस जमावड़ा) जैसी BNS धाराएं लगाई गई हैं। धारा 103(1) हत्या और 61(2) आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित है।
घटना के बाद वीरपुर समेत पूरे भांवरकोल क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। युवक की निर्मम हत्या से परिजन सदमे में थे और इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। थाना भांवरकोल पर मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी।
नवीन और सुशील चौधरी गिरफ्तार
हत्या के बाद से दोनों आरोपी फरार थे। थानाध्यक्ष रोहित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम कई दिनों से दबिश दे रही थी। मुखबिर की पक्की सूचना मिलते ही गुरुवार को नवीन चौधरी और सुशील चौधरी को दबोच लिया गया। दोनों सगे भाई हैं और वीरपुर गांव के निवासी हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेजने की कार्रवाई जारी है।
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पुलिस की जांच जारी
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। मुकदमे में दर्ज धाराएं यह स्पष्ट करती हैं कि यह हमला एक सुनियोजित षड्यंत्र था जिसमें कई लोग शामिल थे।
पुलिस वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। मुकदमे में धारा 61(2) BNS यानी आपराधिक षड्यंत्र की धारा लगी होने से यह साफ है कि पुलिस इस मामले में सभी संलिप्त लोगों को कानून के दायरे में लाने के लिए प्रयासरत है।
पुलिस ने अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए दबिश का सिलसिला जारी रहेगा — यह थाना भांवरकोल पुलिस ने स्पष्ट किया है।



