गाज़ीपुर। चंदौली के करंडा क्षेत्र में महाराजगंज से सैयदराजा तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया है। क्षेत्र के नागरिकों ने राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत को ज्ञापन सौंपकर इस परियोजना को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने और शीघ्र स्वीकृति दिलाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि बढ़ते यातायात दबाव, लंबी यात्रा अवधि और ऊंची परिवहन लागत के कारण क्षेत्र का आर्थिक, औद्योगिक और कृषि विकास प्रभावित हो रहा है। एक्सप्रेसवे बनने से किसानों, व्यापारियों और युवाओं को सीधा फायदा होगा।
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यातायात दबाव और आर्थिक विकास
ज्ञापन में बताया गया कि क्षेत्र में यातायात की बढ़ती समस्या के चलते माल और यात्रियों का आवागमन महंगा और समय लेने वाला हो गया है। इसका सीधा असर कृषि उपज की बिक्री, स्थानीय व्यापार और नए उद्योगों की स्थापना पर पड़ रहा है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने से यह क्षेत्र राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रमुख मार्गों से सीधे जुड़ जाएगा। इससे माल और यात्रियों के आवागमन में लगने वाला समय काफी कम होगा। इसके अलावा वर्तमान सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं और जाम में भी कमी आने की उम्मीद जताई गई है।
किसानों और व्यापारियों को मिलेगा लाभ
ज्ञापन में किसानों की समस्याओं का विशेष उल्लेख किया गया। क्षेत्र के किसान अपनी उपज बड़े बाजारों तक समय पर नहीं पहुंचा पाते जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता। एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह समस्या दूर होगी और किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।
व्यापार और उद्योग को भी इस परियोजना से नई गति मिलेगी। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि सुगम आवागमन से पर्यटकों का आना-जाना आसान होगा।
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सांसद से केंद्र तक पहल की मांग
नागरिकों ने राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत से आग्रह किया है कि वे इस परियोजना को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखें और शीघ्र स्वीकृति के लिए जरूरी कदम उठाएं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि सांसद के प्रयासों से यह परियोजना साकार होगी।
एक्सप्रेसवे के निर्माण और संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। निर्माण कार्य के दौरान भी बड़ी संख्या में मजदूरों और तकनीकी कर्मियों की जरूरत पड़ेगी। दीर्घकालिक रूप से इस परियोजना से पूर्वांचल के कई जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और समग्र क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।


