गाज़ीपुर। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मतदेय स्थलों के युक्तिकरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में संभावित बदलावों पर चर्चा कर दलों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गईं। 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित की जाएगी और 11 जुलाई 2026 तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। बैठक में ADM वेद सिंह चौहान, सभी SDM और भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च
DM अनुपम शुक्ला ने कहा कि मतदेय स्थलों के पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप पारदर्शी और त्रुटिहीन तरीके से पूरी की जाएगी। नए मतदेय स्थलों के निर्धारण में मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। किसी भी मतदाता को मतदान केंद्र तक पहुंचने में अनावश्यक दूरी न तय करनी पड़े — यह सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सत्यापन के बाद तैयार संभावित परिवर्तनों की सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि सूची का गहन परीक्षण करें और यदि कहीं भवन की जर्जर स्थिति, दूरी या अन्य विसंगति दिखे तो प्रशासन को सूचित करें।
11 जुलाई तक दर्ज करें आपत्तियां
बैठक में स्पष्ट किया गया कि 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 11 जुलाई 2026 तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित पक्ष अपने सुझाव और आपत्तियां उपजिलाधिकारी कार्यालय या जिला निर्वाचन कार्यालय में दर्ज करा सकेंगे।
बैठक के दौरान सपा जिला सचिव राजेश यादव ने सुझाव दिया कि जिन विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद हो गया है लेकिन भवन सुरक्षित है और वहां पहले से मतदेय स्थल संचालित होता रहा है — ऐसे केंद्रों को अनावश्यक रूप से न बदला जाए। DM ने सभी SDM को इस सुझाव पर विचार करने के निर्देश दिए।
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तमाम दल के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए। ADM वित्त एवं राजस्व व उप जिला निर्वाचन अधिकारी वेद सिंह चौहान, सभी SDM और निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी दलों ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में सहयोग का आश्वासन दिया।



