गाज़ीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के सरकारी अधिकारी या कर्मचारी होने का दावा करने पर उसका पहचान पत्र (ID Card) अवश्य देखें। वर्तमान में राजस्व, विकास, पंचायत, कृषि और सामाजिक सुरक्षा सहित कई विभागों के कर्मचारी गांवों और मोहल्लों में सर्वेक्षण, सत्यापन और निरीक्षण के लिए जा रहे हैं। ऐसे में फर्जी लोगों द्वारा धोखाधड़ी की आशंका बढ़ जाती है। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल SDM, तहसील प्रशासन, पुलिस या जिला प्रशासन को दें।
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कौन से कर्मचारी आते हैं गांवों
ग्रामीण क्षेत्रों में लेखपाल, राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) और अन्य सरकारी कर्मचारी नियमित रूप से दौरा करते हैं। ये लोग शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसमस्याओं के निस्तारण और पात्रता सत्यापन का काम करते हैं। इसी वजह से ऐसे लोग भी सक्रिय हो जाते हैं जो असली कर्मचारियों की आड़ में ग्रामीणों को ठगने की कोशिश करते हैं।
सरकारी कर्मचारी की पहचान करना आसान है। हर विभाग अपने कर्मचारियों को वैध पहचान पत्र जारी करता है। यह पहचान पत्र फोटोयुक्त और विभाग की मुहर से प्रमाणित होता है। कोई भी व्यक्तिगत दस्तावेज या जानकारी साझा करने से पहले यह पहचान पत्र जरूर मांगें। अगर सामने वाला पहचान पत्र दिखाने में आनाकानी करे तो यह खतरे की निशानी है।
किन बातों का रखें ध्यान
कई बार ठग सरकारी योजना का लाभ दिलाने या सरकारी रिकॉर्ड में नाम जोड़ने का झांसा देकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी या मोबाइल OTP मांगते हैं। ऐसे किसी भी अनुरोध पर सतर्क रहें। कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर OTP नहीं मांगता। बैंक खाते की जानकारी या पासबुक किसी को भी न दिखाएं।
इसके अलावा कुछ ठग योजना में नाम जोड़ने या समस्या सुलझाने के बदले रिश्वत मांगते हैं। यह भी फर्जीवाड़े का हिस्सा हो सकता है। असली सरकारी कर्मचारी कभी पैसे नहीं मांगता। ऐसी कोई मांग हो तो तत्काल शिकायत करें।
ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग अक्सर इस तरह के झांसे में आ जाते हैं। परिवार के सदस्यों को भी इसके बारे में जागरूक करें। अगर कोई अनजान व्यक्ति घर पर आए और सरकारी काम का हवाला दे तो पड़ोसी या परिवार के किसी सदस्य को साथ रखें।
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संदिग्ध की तुरंत दें सूचना
यदि कोई व्यक्ति बिना पहचान पत्र के सरकारी कर्मचारी बताकर जानकारी मांगे या किसी योजना का लालच दे तो घबराएं नहीं। तत्काल संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसील प्रशासन, नजदीकी पुलिस थाने या जिला प्रशासन को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने पर प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर सकता है।
DM अनुपम शुक्ला ने कहा कि यह सावधानी आमजन को संभावित धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देने की अपील की। जागरूक नागरिक ही जनपद में सुरक्षित और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित कर सकते हैं।



