गाज़ीपुर। विकासखंड भांवरकोल में गुरुवार को जीरामजी योजना का शुभारंभ ग्राम पंचायत शेरपुर से हुआ। खंड विकास अधिकारी प्रेमचंद और प्रधान प्रतिनिधि जयानंद राय ने शेरपुर कला स्थित खेल मैदान में झाड़ी सफाई अभियान के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सैकड़ों श्रमिकों ने श्रमदान किया। इसके बाद ग्रामीण सचिवालय शेरपुर में जन सम्मेलन आयोजित हुआ। BDO प्रेमचंद ने बताया कि इस योजना के माध्यम से श्रमिकों को 125 दिनों तक रोजगार मिलेगा। कार्यक्रम अधिकारी आर.पी. गुप्ता ने कहा कि यह योजना जल संरक्षण, जल संचयन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।
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शेरपुर कला में श्रमदान से हुई शुरुआत
गुरुवार सुबह शेरपुर कला के खेल मैदान में जीरामजी योजना की शुरुआत झाड़ी सफाई अभियान से की गई। BDO प्रेमचंद और जयानंद राय ने मिलकर अभियान की शुरुआत की। इसके साथ ही क्षेत्र के सैकड़ों श्रमिक आगे आए और पूरे उत्साह के साथ सफाई कार्य में हाथ बंटाया।
सफाई अभियान के बाद कार्यक्रम का दूसरा चरण ग्रामीण सचिवालय शेरपुर में जन सम्मेलन के रूप में हुआ। यहां BDO ने उपस्थित श्रमिकों और जनप्रतिनिधियों को योजना के उद्देश्यों और लाभों के बारे में विस्तार से बताया। जन सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए जिससे योजना के प्रति लोगों की रुचि साफ दिखी।
जल संरक्षण और आजीविका को मिलेगी गति
जन सम्मेलन में BDO प्रेमचंद ने बताया कि जीरामजी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और श्रमिकों को 125 दिनों तक काम मिलेगा। इससे ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम अधिकारी आर.पी. गुप्ता ने बताया कि यह योजना केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। जल संरक्षण और जल संचयन की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आजीविका को मजबूत करना भी इस योजना का प्रमुख लक्ष्य है।
ग्राम सचिव सूर्यभान राय ने कहा कि इस योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
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जनप्रतिनिधि और श्रमिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में जयानंद राय, रोशन राम, ओमप्रकाश राय उर्फ मुन्ना, सोनू राय, यादव प्रधान, रमेश राय, संतोष राम, ज्वाला देवी और गीत देवी समेत सैकड़ों श्रमिक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने योजना के सफल क्रियान्वयन में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।
BDO प्रेमचंद ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि जीरामजी योजना को जनपद की हर ग्राम पंचायत तक पहुंचाना लक्ष्य है। इसके लिए ग्राम स्तर पर जागरूकता और श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक श्रमिकों को इस योजना से जोड़ें ताकि ग्रामीण रोजगार का लक्ष्य समय पर पूरा हो सके।


