गाज़ीपुर। आईएस-191 गैंग के 51 शस्त्र लाइसेंसों पर जारी 145 हथियारों की जांच अब सांसद अफ़ज़ाल अंसारी तक पहुंच गई है। मुहम्मदाबाद थाने में सोमवार शाम उनके और तत्कालीन शस्त्र लिपिक प्रेमशंकर वर्मा के खिलाफ धारा 409, 120बी, 419 और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। यह इस पूरे मामले में चौथी एफआईआर है। जांच में सामने आया कि अफ़ज़ाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय रिकॉर्ड अभिलेखागार से गायब करा दिए गए।
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51 लाइसेंसों पर 145 हथियारों की जांच
वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक के आदेश पर मुख्तार अंसारी गैंग के सदस्यों और सहयोगियों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 हथियारों के भौतिक सत्यापन की कार्यवाही चल रही है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण के नेतृत्व में क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों की अलग-अलग टीमें इस सत्यापन में जुटी हैं।
जांच के दौरान कई हथियारों की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चल पा रहा और क्रय-विक्रय में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध तथ्यों में महत्वपूर्ण अंतर मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई और तेज कर दी है। जिन मामलों में अनियमितता के तथ्य प्रकाश में आ रहे हैं उनमें विधिक कार्रवाई की जा रही है।
अभिलेखागार से गायब पत्रावली
अफ़ज़ाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय दस्तावेज जांच के दौरान अभिलेखागार में नहीं मिले। पड़ताल में सामने आया कि शस्त्र लिपिकों के साथ मिलीभगत कर यह रिकॉर्ड जानबूझकर गायब कराया गया। इस कारण भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया अटकी हुई है।
इसी लाइसेंस पर दशकों पहले अरुणाचल प्रदेश के अलोंग जिले में दो हथियारों — एनपीबी राइफल 86 एबी 1926 और 32 बोर रिवाल्वर ए-12741 — का क्रय-विक्रय हुआ था। इन हथियारों की मौजूदा स्थिति का कोई पता नहीं है और रिकॉर्ड गायब होने के कारण सत्यापन अटका हुआ है। इसी आधार पर यूसुफपुर निवासी अफ़ज़ाल अंसारी और शस्त्र लिपिक प्रेमशंकर वर्मा के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया।
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चौथी FIR, जांच जारी
मुख्तार अंसारी गैंग के शस्त्र लाइसेंसों की इस व्यापक जांच में अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। शेष शस्त्रों और लाइसेंसों का सत्यापन प्रचलित है। जिन अन्य लोगों की भूमिका जांच में सामने आएगी उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेजों, लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और हथियारों के उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन समीक्षा जारी है। जांच में अनियमितता के प्राप्त तथ्यों के आधार पर शेष प्रकरणों में भी अग्रेतर विधिक कार्रवाई कराई जाएगी।


