गाज़ीपुर। जनपद में सर्वाइकल कैंसर से किशोरियों को बचाने का अभियान अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 43 हजार चिन्हित किशोरियों में से अब तक केवल 3,500 से 4,000 को ही एचपीवी वैक्सीन लग पाई है। इस पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की कार्ययोजना के अभाव को जिम्मेदार ठहराते हुए अब मिशन मोड में एक माह के भीतर अभियान पूरा करने के निर्देश दिए।
43 हजार में 4 हजार ही टीकाकृत
जनपद गाज़ीपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान पिछले कुछ समय से चल रहा है लेकिन इसके परिणाम संतोषजनक नहीं रहे। 43,000 चिन्हित किशोरियों के सापेक्ष केवल 3,500 से 4,000 बच्चियों को ही टीका लग पाया है। जिलाधिकारी ने माना कि बिना ठोस कार्ययोजना के किसी भी अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त ABSA, MOYC और स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर विकास खंड स्तर पर माइक्रो प्लान तैयार कर एक सप्ताह में टीकाकरण पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
अब स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। सभी सीएचसी और पीएचसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर पात्र किशोरियों का चिन्हांकन करें और उनका टीकाकरण सुनिश्चित करें। सभी विभागों के समन्वय से अभियान को मिशन मोड में चलाया जाएगा।
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सर्वाइकल कैंसर से बचाव
एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से किशोरियों को सुरक्षित रखने के लिए लगाई जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत देशों ने इस वैक्सीन को अपने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया है। उत्तर प्रदेश में भी यह कार्यक्रम पहले से संचालित है।
यह वैक्सीन केवल 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को ही लगाई जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद स्वीकृत की गई है और पूरी तरह सुरक्षित है। टीका लगने के बाद कुछ बच्चियों को हल्का बुखार आ सकता है जिसे पैरासिटामोल से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा कोई गंभीर दुष्प्रभाव नहीं है।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है लेकिन समय पर टीकाकरण से इससे प्रभावी बचाव संभव है। जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दिया जाए।
अभिभावकों से की अपील
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से सीधी अपील की कि यदि उनकी बेटी 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग में है तो वे उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) या हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर ले जाकर एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं।
उन्होंने मीडिया से भी इस जनस्वास्थ्य अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियां इसका लाभ उठा सकें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण केंद्रों पर प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। अभिभावक अपनी पुत्रियों का समय से टीकाकरण कराएं ताकि उन्हें भविष्य में गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिल सके।



