📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने जिला कारागार देवरिया तथा राजकीय बाल गृह का संयुक्त निरीक्षण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हिमांशु वर्मा भी निरीक्षण दल में शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, आवासीय सुविधाओं, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाओं और अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सुधार के निर्देश दिए गए।
बैरक से रसोई तक गहन निरीक्षण
जिला कारागार के निरीक्षण के दौरान बैरकों, चिकित्सालय, रसोईघर, मुलाकात कक्ष और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। प्रत्येक स्थान पर उपस्थित कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का भी जायजा लिया गया। बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कारागार में संधारित अभिलेखों की जांच की गई और रिकॉर्ड की स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों ने कारागार प्रशासन से मौजूदा व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
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सुरक्षा और अनुशासन के निर्देश
निरीक्षण के बाद कारागार प्रशासन को सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए। शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने को कहा गया। अधिकारियों ने कारागार प्रशासन को शासन के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। बंदियों के लिए भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर विशेष जोर दिया गया। कारागार में सुविधाओं को मानकों के अनुरूप बनाए रखना अनिवार्य बताया गया। समयबद्ध तरीके से आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
बाल गृह में बच्चों से सीधा संवाद
जिला कारागार के बाद अधिकारियों ने राजकीय बाल गृह का निरीक्षण किया। यहां बच्चों के रहने, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बाल गृह में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने बच्चों से सीधा संवाद स्थापित किया। उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। बच्चों की बातें सुनने के बाद बाल गृह प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
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सुरक्षित माहौल और सर्वांगीण विकास
बाल गृह प्रशासन को बच्चों के सर्वांगीण विकास, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना अनिवार्य बताया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बच्चों की देखरेख में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने की हिदायत दी। मानसिक और शारीरिक विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाए रखने को कहा गया। बाल गृह प्रशासन को नियमित अंतराल पर व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।



