लखनऊ। सोमवार की दोपहर लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक परिसर में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। इमारत में मौजूद दर्जनों लोग जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिल से कूद पड़े। केजीएमयू ने 13 लोगों की मौत की पुष्टि की और 5 घायल खतरे से बाहर बताए गए। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना कार्यक्रम बीच में ही काटकर राजधानी की ओर प्रस्थान किया और शाम को घटनास्थल पर भी पहुंचे।
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कैसे फैली आग
अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित एक व्यावसायिक परिसर में दोपहर करीब 3 बजे आग लगी। अलीगंज थाना क्षेत्र के उषा मेहता मार्ग पर स्थित इस इमारत की ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी, दूसरी मंजिल पर एनिमेशन सेंटर और ऊपरी मंजिल पर अन्य कार्यालय संचालित थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शॉर्ट सर्किट से आग की शुरुआत हुई। देखते ही देखते महज आधे घंटे में लपटों ने ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया।
जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचतीं, इमारत में धुआं भर चुका था। फंसे लोगों के पास भागने का रास्ता नहीं था। कई लोगों ने इमारत से नीचे छलांग लगाई और गंभीर रूप से घायल हो गए। पड़ोसी इमारतों की छतों से दीवारें काटकर रेस्क्यू का प्रयास किया गया। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतें भी खाली कराई गईं और यातायात मोड़ा गया।
राहत बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण मौके पर पहुंच गए। जिलाधिकारी विशाख और एडीसीपी उत्तरी ट्विंकल जैन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी राहत कार्य में जुट गए। दमकल की करीब एक दर्जन गाड़ियों और एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से बुझाने और बचाने का अभियान एक साथ चला।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल पर पहुंचकर बताया कि दमकल कर्मियों ने पहली मंजिल की एक दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने कहा कि हर कमरे की तलाशी ली जा रही है और एम्बुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम भी मौके पर तैनात है। मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री भावुक हो गए। घायलों में कुछ की उम्र महज 16-17 साल बताई जा रही है। अब तक 10 से अधिक घायलों को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया जा चुका था और राहत बचाव कार्य लगातार जारी रहा। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी और उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ है। घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अलीगढ़ दौरा से लौटे सीएम
उस वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ के नुमाइश मैदान में थे, जहां ₹462 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद वह जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, ताला एवं हार्डवेयर उद्योग और रक्षा औद्योगिक गलियारे को अलीगढ़ की पहचान बताया। योगी ने कहा कि विकास की रफ्तार न पहले रुकी, न आगे रुकेगी।
भाषण खत्म होने से पहले ही मुख्यमंत्री को अग्निकांड की खबर मिली। उन्होंने मंच से ही कहा कि लखनऊ में लोग आग की चपेट में आए हैं और यह घटना उन्हें वहां खींच रही है। पीड़ित परिवारों के दर्द के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने घायलों को तत्काल बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए।
अलीगढ़ में उस दिन जनपदीय विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन मुख्यमंत्री के अचानक लौटने के कारण वह नहीं हो सकी। दिनभर के कार्यक्रम में केवल लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक ही पूरी हो पाई, बाकी सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। रात अलीगढ़ में रुकने का जो कार्यक्रम तय था, वह भी निरस्त हो गया और मुख्यमंत्री कार्यक्रम समाप्त होते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
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DGP और ACS को मौके पर भेजा
राजधानी पहुंचने से पहले ही मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को घटनास्थल पर भेजकर रिपोर्ट मांगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस हादसे में जो लोग चले गए, उनके परिजनों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना है। साथ ही यह भी कहा कि इस अग्निकांड के जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। शाम 7 बजे मुख्यमंत्री स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली।
जांच में प्रारंभिक रूप से AC में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में कोचिंग सेंटर नहीं था — ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और ऊपरी मंजिल पर एनिमेशन सेंटर संचालित था। सभी 13 मृतकों की उम्र 20 से 24 साल के बीच बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी घटनास्थल का दौरा करने के लिए लखनऊ के लिए रवाना हुए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी घटना पर शोक जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।



