लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया एक्स पर लिखकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफे लेकर मामले को दबाया नहीं जा सकता — पूरा ट्रस्ट भंग कर न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस्तीफा देने वाले लोगों के हस्ताक्षर से हुए सभी भू-सौदों और अन्य निर्णयों की न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही दोषियों की भविष्य की गतिविधियों और विदेश यात्रा पर निगरानी रखने और रोक लगाने की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आरोपियों का पुलिस द्वारा स्वागत किए जाने से कई सवाल उठते हैं।
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पूरा ट्रस्ट भंग कर — जांच हो
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि केवल इस्तीफे की लीपापोती से काम नहीं चलेगा। उन्होंने मांग की कि पूरे ट्रस्ट को भंग कर न्यायिक जांच बैठाई जाए। उनका कहना था कि सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई से काम नहीं चलेगा — जिम्मेदारी उन लोगों की भी तय होनी चाहिए जिन्होंने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी थी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिनका नाम अंतरिम रिपोर्ट में नहीं था वे अंतिम रिपोर्ट में कैसे आ सकते हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर पूरा ठीकरा फोड़ा गया वह रिपोर्ट के अनुसार उतना दोषी भी नहीं दिखता।
आगे उन्होंने एक्स पर लिखते हुए आरोप लगाया कि आरोपियों का पुलिस द्वारा दरवाजा खोलकर स्वागत किया गया जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। उनका कहना था कि यदि ड्राइवर जिम्मेदार हो सकता है तो मालिक की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
इस्तीफा बच निकलने का रास्ता नहीं
अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि इस्तीफा किसी के लिए बच निकलने का रास्ता नहीं बनना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस्तीफा देने वाले लोगों के हस्ताक्षर से हुए सभी भू-सौदों और अन्य कार्यों की न्यायिक जांच बैठाई जाए।
उन्होंने कहा कि आपस में निष्कलंक होने की क्लीन चिट देने का खेल बंद होना चाहिए। उनका कहना था कि सिर्फ खांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सजा सिर्फ घोड़े या लगाम को नहीं बल्कि कोचवान को भी मिलनी चाहिए।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि जो लोग दूर से बैठकर आरोप लगा रहे हैं उनकी भी इस मामले में हिस्सेदारी की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि CDR निकाली जाए तो पता चलेगा कि सबसे ज्यादा फोन किसके आए।
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140 करोड़ की आस्था का मामला
अखिलेश यादव ने मांग की कि दोषियों की भविष्य की गतिविधियों और आवागमन पर निगाह रखी जाए। उन्होंने विदेश यात्रा पर पाबंदी लगाने की मांग भी उठाई।
उन्होंने कहा कि यह मामला 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास से जुड़ा है इसलिए किसी भी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं की जा सकती। उनका दावा था कि भ्रष्ट लोगों का काला सच सामने आ चुका है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि पार्टी में भगदड़ मची हुई है और कई भाजपा नेता दूसरी पार्टियों में जाने के लिए संपर्क कर रहे हैं।


