📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार की सुबह लगभग 7:45 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय तिलई बेलवा और आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने बच्चों की डिजिटल उपस्थिति, शिक्षकों की हाजिरी और पठन-पाठन व्यवस्था का जायजा लिया। विद्यालय में कार्यरत 6 शिक्षकों और 2 शिक्षामित्रों में से 1 शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले जिन पर जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। शिक्षकों को बच्चों की डिजिटल उपस्थिति बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने और विद्यालय परिसर में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और पोषण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
सुबह 7:45 बजे औचक निरीक्षण
बुधवार की सुबह जिलाधिकारी हुल्गी बिना किसी पूर्व सूचना के उच्च प्राथमिक विद्यालय तिलई बेलवा पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय 6 शिक्षक कार्यरत मिले। इसके साथ ही कक्षाओं में पठन-पाठन की स्थिति और बच्चों की डिजिटल उपस्थिति की जांच की गई।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से बच्चों की पढ़ाई के बारे में सीधे प्रश्न किए और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने के लक्ष्य के साथ शिक्षा दी जाए।
विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने साफ-सफाई और बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के आवश्यक निर्देश दिए।
अनुपस्थित शिक्षामित्र पर नोटिस
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में तैनात 2 शिक्षामित्रों में से 1 शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए संबंधित शिक्षामित्र को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों की डिजिटल उपस्थिति में सुधार किया जाए। डिजिटल उपस्थिति से बच्चों की नियमितता का सटीक आकलन होता है और इससे अभिभावकों को भी जानकारी मिलती है। शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया कि शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखें।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की अपनी उपस्थिति और समयबद्धता भी उतनी ही जरूरी है जितनी बच्चों की। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
यह भी पढ़ें: CMIS निर्माण समीक्षा में DM ने दो ठेकेदारों पर कराई FIR
आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण
उच्च प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी हुल्गी ने आंगनबाड़ी केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया। वहां बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा और पोषण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण और प्रारंभिक शिक्षा मिलना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि बच्चों की पोषण स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी बच्चे को पोषण से वंचित न रहने दिया जाए।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निपुण भारत
जिलाधिकारी हुल्गी ने इस औचक निरीक्षण के माध्यम से विद्यालय प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि निपुण भारत अभियान के तहत प्रत्येक बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में दक्ष बनाना लक्ष्य है। इसके लिए शिक्षकों को पठन-पाठन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। डीएम ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि शैक्षणिक वातावरण इस प्रकार विकसित किया जाए जिससे बच्चे नियमित रूप से विद्यालय आएं और सीखने में रुचि लें।



