गाज़ीपुर। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता विजय मिश्रा ने गुरुवार को बड़ीबाग स्थित होटल ग्रैंड पैलेस में प्रेस वार्ता की। उन्होंने दावा किया कि अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय, 100 बेड का महिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर सहित कई स्वास्थ्य परियोजनाएं शुरू कराई गईं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयासों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गाज़ीपुर को मेडिकल कॉलेज की सौगात दी। उनके अनुसार मेडिकल कॉलेज में अब प्रतिदिन 5 से 6 हजार मरीज ओपीडी में इलाज करा रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण क्षमता से संचालित कराने के लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से लगातार वार्ता जारी है।
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मेडिकल कॉलेज से ट्रॉमा सेंटर तक
विजय मिश्रा ने बताया कि राजनीति में आने का उद्देश्य गाज़ीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करना था। अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय गोरा बाजार में और 100 बेड का महिला अस्पताल मिश्र बाजार में बनाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयासों से केंद्र और प्रदेश सरकार ने गाज़ीपुर को मेडिकल कॉलेज दिया। आज यहां प्रतिदिन 5 से 6 हजार मरीज ओपीडी में उपचार पाते हैं और आसपास के जनपदों से भी मरीज यहां आ रहे हैं।
ट्रॉमा सेंटर के बारे में उन्होंने बताया कि निर्माण होने के बाद इसका संचालन नहीं हो पा रहा था। इसके लिए उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक कुमार, पार्थ सारथी सेन शर्मा और तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार संपर्क किया। उनके प्रयासों से ट्रॉमा सेंटर में सेवाएं शुरू हुईं लेकिन अभी पूरी क्षमता से संचालन बाकी है।
पूर्ण क्षमता के लिए प्रयास जारी
विजय मिश्रा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण क्षमता से संचालित कराने के लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार वार्ता की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रॉमा केयर नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। इसी योजना के तहत गाज़ीपुर का ट्रॉमा सेंटर पूर्वांचल का प्रमुख आपातकालीन चिकित्सा केंद्र बनेगा। इससे न केवल गाज़ीपुर बल्कि आसपास के जनपदों के गंभीर मरीजों को भी गोल्डन आवर में त्वरित उपचार मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे BHU और अन्य बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा।
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अत्याधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
विजय मिश्रा ने दावा किया कि ट्रॉमा सेंटर में शीघ्र ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होगी जिनमें DM क्रिटिकल केयर, एनेस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो और ऑर्थो विशेषज्ञ शामिल होंगे। प्रशिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भी व्यवस्था होगी।
उपकरणों में ICU, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, CT Scan, अल्ट्रासाउंड, पोर्टेबल X-Ray, ABG एनालाइजर और पोर्टेबल ECG मशीन उपलब्ध कराने का दावा किया। उन्होंने कहा — “गाज़ीपुर की जनता से चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने का जो वादा किया था उसे पूरा करने की दिशा में काम हुआ है। अब लक्ष्य ट्रॉमा सेंटर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूर्ण क्षमता के साथ संचालित कराना है।”


