सुलतानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को जनपद सुलतानपुर में ₹819 करोड़ से अधिक लागत की 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम्य विकास, उद्योग, श्रम और पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर बात की और कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास की सिफारिश पर SIT गठित की गई है और प्राथमिक जांच में साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई भी हुई है। उन्होंने सपा और कांग्रेस पर अयोध्या को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
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करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण
मंगलवार को सुलतानपुर में आयोजित कार्यक्रम में मु ने एक साथ 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹819 करोड़ से अधिक है। परियोजनाएं ग्राम्य विकास, उद्योग, श्रम और पशुपालन सहित कई विभागों से जुड़ी हैं।
कार्यक्रम में योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे गए। सीएम ने कहा कि सुरक्षा के माहौल में ही विकास होता है और बेहतर सड़कें प्रगति का आधार होती हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने विरासत और विकास के समन्वय के रूप में स्वयं को स्थापित किया है और राज्य अब ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
SIT जांच पर CM का बयान
जनसभा में मुख्यंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र से चढ़ावा चोरी के मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ न्यास की सिफारिश पर SIT का गठन किया गया। प्राथमिक जांच में साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट अपना कार्य स्वतंत्र रूप से कर रहा है और ट्रस्ट के कार्य में किसी को हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह अयोध्या धाम और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने की मुहिम चला रहा है। उनके अनुसार विपक्ष की पीड़ा यह है कि जहां पहले बाबरी ढांचा था वहां आज राम मंदिर है और यह मंदिर देश-विदेश में आस्था का केंद्र बन चुका है।
सपा-कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस को अयोध्या मुद्दे पर सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जिस दल ने राम भक्तों पर गोली चलवाई, उसे अयोध्या की चिंता होने का कोई आधार नहीं है। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था — ऐसे में उसे आस्था की चिंता हो रही है, यह समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या की लड़ाई रामभक्तों के पूर्वजों ने लड़ी है। जो दल पहले आस्था को नकारते थे, वे अब इसे खिलवाड़ बता रहे हैं। उनके अनुसार पहले की सरकारों में धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार का पैसा अन्य कार्यों पर खर्च होता था।
उन्होंने दोनों दलों को “गिरगिट” की उपमा देते हुए कहा कि देश अब इनके चंगुल में फंसने वाला नहीं है।
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वक्फ बोर्ड और गरीबों की जमीन
सीएम योगी ने वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन अधिग्रहण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वक्फ के नाम पर हजारों एकड़ गरीबों की जमीन और सरकारी जमीन का वारा-न्यारा हुआ लेकिन सपा और कांग्रेस ने कभी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाई।
उन्होंने कहा कि सपा के कार्यकाल में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां बेची गईं जबकि वह जमीन गरीबों को पट्टे पर दी जानी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सुरक्षा का वातावरण होता है तो निवेश आता है, रोजगार के अवसर बनते हैं और आम जनता को इसका सीधा लाभ मिलता है।


