रोहतक। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख और दोषी बाबा गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिल गई है। हरियाणा सरकार ने उसे 30 दिनों की पैरोल मंजूर की है और आज मंगलवार 26 मई 2026 की सुबह करीब साढ़े छह बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। पुलिस के कड़े काफिले के साथ वह सीधे सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय के लिए रवाना हुआ। यह उसकी 16वीं अस्थायी रिहाई है — और 2020 से अब तक वह जेल की सजा के दौरान कुल 436 दिन बाहर बिता चुका है।
कब से चल रही है यह कहानी
साल 2017 में पंचकूला की एक विशेष CBI अदालत ने गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों के यौन शोषण का दोषी पाया था और उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद 2019 में पत्रकार राम चंदर छत्रपति की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा भी मिली। 2021 में डेरा मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या की साजिश में भी उसे दोषी ठहराया गया था।
हालांकि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 2024 में रंजीत सिंह मर्डर केस में और 2026 में पत्रकार हत्याकांड में उसे बरी कर दिया। बावजूद इसके साध्वी दुराचार के मामले में सजा पूरी तरह बरकरार है और वह सुनारिया जेल में बंद है। यह वही मामला है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था और डेरा सच्चा सौदा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे।
पैरोल का कानूनी आधार और 2026 का हिसाब
हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (टेम्पररी रिलीज) एक्ट 2022 के तहत किसी भी कैदी को एक साल में अधिकतम 10 हफ्तों यानी 70 दिनों की पैरोल मिल सकती है — इसे दो हिस्सों में लिया जा सकता है। इससे पहले जनवरी 2026 में राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी और वह 15 फरवरी 2026 को वापस जेल पहुंचा था। अब यह 30 दिन की पैरोल मिलने के साथ उसने 2026 की पूरी पैरोल सीमा उपयोग कर ली है।
इसके अलावा कानून में तीन हफ्तों की फरलो का भी अलग प्रावधान है जिसे एक साथ लिया जाता है। ऐसे में इस साल गुरमीत राम रहीम के फरलो लेने की भी संभावना बनी हुई है। 2020 से लेकर आज तक वह 16 बार जेल से बाहर आ चुका है — पैरोल और फरलो दोनों मिलाकर। इस मौजूदा पैरोल के बाद जेल से बाहर बिताए दिनों की कुल संख्या 436 हो जाएगी।
विपक्ष के सवाल और डेरा प्रवक्ता का जवाब
जब-जब गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर आता है, राजनीतिक और सामाजिक बहस फिर से गर्म हो जाती है। विरोधी दलों का आरोप है कि एक दोषी को इस तरह बार-बार राहत देना कानून के साथ नहीं बल्कि वोटों के हिसाब से चलाई जा रही राजनीति है। डेरा सच्चा सौदा के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में करोड़ों अनुयायी हैं — जो हर चुनाव में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। हर बार पैरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा जाता है।
वहीं डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता और अधिवक्ता जितेंद्र खुराना ने पैरोल की पुष्टि करते हुए बताया कि पैरोल अवधि के दौरान गुरमीत राम रहीम सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में ही रहेगा। फिलहाल पैरोल मिल चुकी है और अगले 30 दिन वह जेल से बाहर रहेगा — लेकिन उस पर लगे संगीन आरोपों और बार-बार मिलने वाली इस राहत को लेकर बहस थमने का नाम नहीं ले रही।
