नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। हौज रानी इलाके में स्थित ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल और ‘लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट’ में भीषण आग लगने से 21 लोगों की जलकर मौत हो गई। मरने वालों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं। 30 से अधिक घायल हैं जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। 47 लोगों को रेस्क्यू किया गया। दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लोकेश बजाज के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है — पर अभी वह फरार है।
कैसे लगी आग
आग बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे होटल की इमारत के बेसमेंट में स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी। देखते ही देखते आग ने पूरी पाँच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इमारत के मुख्य दरवाजे पर इलेक्ट्रॉनिक गेट लगा था — आग से बिजली गुल होते ही वह पूरी तरह जाम हो गया और बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया।
ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों की चीखें सुनकर स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए दौड़े। उन्होंने पत्थर फेंककर खिड़कियों के शीशे तोड़े और आसपास के होटलों से गद्दे लाकर सड़क पर बिछाए ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को चोट कम लगे। चौथी मंजिल पर फंसी एक महिला को रस्सी के सहारे नीचे उतारकर बचाया गया।
आग बाद में पास के मिकासा इन होटल तक भी फैल गई। मौके पर 10 से अधिक दमकल गाड़ियां और रेस्क्यू टीमें पहुँचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 10 पुलिसकर्मी भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए जिन्हें AIIMS में भर्ती कराया गया।
कौन थे मरने वाले विदेशी
मरने वालों में कई विदेशी नागरिक शामिल हैं — सूत्रों के अनुसार इनमें लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। विदेशी नागरिकों की सटीक संख्या की जाँच जारी है। मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय ने बताया कि होटल के पास मैक्स हॉस्पिटल है — जहाँ इलाज कराने आए SAARC देशों और अफ्रीकी देशों के मरीज व उनके परिजन इसी होटल में ठहरते थे। यह होटल उनके लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प था।
नियमों की उड़ाई धज्जियाँ
जाँच में सामने आया कि यह होटल नियमों का खुला उल्लंघन कर रहा था। होटल को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (BnB) के तहत सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी — लेकिन वहाँ 20 से 25 कमरे बेरोकटोक चल रहे थे। फायर NOC नहीं थी और पूरी इमारत में बाहर निकलने का महज एक रास्ता था — आग भड़की तो भागने की कोई जगह नहीं थी। यह सब पहले से दिख रहा था — पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। होटल मालिक लोकेश बजाज के शहर में कई और होटल हैं। हादसे के बाद से वह फरार है और पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
नेताओं ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को PMNRF से ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 मुआवजा देने की घोषणा की। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, DDMA, CATS एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर भेजी गईं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता दी जा रही है।
कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने शोक व्यक्त करते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से राहत-बचाव कार्य में योगदान देने का आग्रह किया। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी दुख जताया और पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा तथा घायलों को मुफ्त इलाज देने की माँग की। वहीं, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली में लगातार बढ़ रहे अग्निकांड गहरी चिंता का विषय हैं और प्रभावित परिवारों के साथ पार्टी खड़ी है।
प्रशासन का एक्शन — 4 जून से महीनेभर का अभियान
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने शाम 5 बजे आपात बैठक बुलाई। बैठक में जीरो टॉलरेंस नीति की घोषणा की गई और हादसे की मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए गए। 4 जून से पूरी दिल्ली में एक महीने का सघन प्रवर्तन अभियान शुरू होगा जिसमें सभी होटलों, लॉज, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थानों और रेस्टोरेंट्स में फायर सेफ्टी मानकों की जाँच होगी। अभियान की निगरानी मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर संयुक्त रूप से करेंगे।
सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। 4 जून से ही अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण शुरू किया जाएगा। फायर विभाग एक सप्ताह में हेल्पलाइन और ईमेल आईडी जारी करेगा जिससे नागरिक सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले भवनों की शिकायत कर सकेंगे। जिन होटलों में स्वीकृत संख्या से अधिक कमरे मिलेंगे उन्हें तुरंत सील किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी। इसके अलावा दमकल गाड़ियों का रास्ता रोकने वाले अतिक्रमण हटाने के लिए एक्सेसिबिलिटी सर्वे भी किया जाएगा।

