नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के “संसद चलो” मार्च को लेकर सोमवार को राजधानी दिल्ली में दिनभर तनावपूर्ण माहौल रहा। नई दिल्ली जिले में धारा 163 BNSS लागू की गई और मार्च की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद सुबह 6.30 बजे से ही जंतर-मंतर पर हजारों प्रदर्शनकारी जमा होने लगे। पुलिस और RAF ने 50 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा भी ठप कर दी गई। विपक्ष के कई बड़े नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के अनुरोध पर अपनी भूख हड़ताल भी समाप्त कर दी।
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सुबह से ही जंतर मंतर गरमाया
रात से ही दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्य ने बताया कि डीएलएफ और लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र के पास पुलिस फोर्स तैनात की गई और दिल्ली जाने वाले रास्तों पर वाहनों की जांच की जा रही है।
सुबह 6.30 बजे तक जंतर-मंतर के चारों तरफ जाने वाली सड़कें पूरी तरह प्रदर्शनकारियों से भर गईं। जंतर-मंतर के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी गई। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर आरोप लगाया कि पत्थरों से लदे ट्रक जंतर-मंतर पर खड़े किए गए हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि क्या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाजी करवाने की साजिश रची जा रही है।
दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर एक महीने तक शांतिपूर्ण रहकर लोगों ने लोकतंत्र की ताकत दिखाई है। देशभर से जुटी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि युवा जाग चुके हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रदर्शन की गरिमा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और किसी भी कीमत पर हिंसा नहीं होने दी जाएगी।
मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने भी प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे गांधीवादी तरीके से विरोध करें, पुलिस के प्रति आक्रामक न हों और असामाजिक तत्वों से सावधान रहें।
सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से हस्तलिखित पत्र लिखकर अस्पताल प्रशासन से अस्थायी रूप से छोड़ने का आग्रह किया ताकि वे मार्च में शामिल हो सकें। अस्पताल ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है, सभी वाइटल सामान्य हैं और खून की जांच रिपोर्ट भी ठीक है। AIIMS दिल्ली और VMMC सफदरजंग के डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
5 मेट्रो स्टेशन और इंटरनेट बंद
सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशन — जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ — को अगले आदेश तक बंद कर दिया। इन स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में इंटरनेट सेवा भी बाधित कर दी गई। मध्य दिल्ली के बड़े हिस्सों में भारी यातायात जाम रहा। कनॉट प्लेस की सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गईं। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया।
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के जंतर-मंतर से बाहर कोई भी मार्च या प्रदर्शन करने पर धारा 223 BNSS के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि मीडिया में हिंसा और हिरासत की छिटपुट घटनाओं का जिक्र किया जा रहा है जो असत्य है और विरोध प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा है।
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लाठीचार्ज और आंसू गैस
सुबह 10.25 बजे जब प्रदर्शनकारियों का हुजूम आगे बढ़ते-बढ़ते संसद मार्ग थाने के करीब पहुंचा तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की। बैरिकेड तोड़ने की कोशिश होते ही लाठीचार्ज शुरू हो गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में ले लिया गया। उस वक्त राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका पास में खड़ी भीड़ को संबोधित कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों की RPF कर्मियों से झड़प हुई। RPF और पुलिस ने लाठियों का इस्तेमाल कर भीड़ को काबू करने की कोशिश की। दोपहर तक पुलिस 50 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़ चुकी थी। RBI के पास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा रहे और हालात तनावपूर्ण बने रहे।
पार्लियामेंट स्ट्रीट के पास हुई झड़प में दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर घायल हो गए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड के पास खड़े पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके।
CJP प्रवक्ता ने दावा किया कि गीतांजलि अंगमो के बाल खींचे गए और एक 12 वर्षीय लड़की सहित 40-50 प्रदर्शनकारी घायल हुए। दिल्ली पुलिस ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील की।
नई दिल्ली DCP सचिन शर्मा खुद मौके पर प्रदर्शनकारियों से बात करते रहे और स्थिति को शांत करने की कोशिश करते रहे। इधर सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार से अपील की कि युवाओं पर आंसू गैस का इस्तेमाल बंद किया जाए और दमन की जगह संवाद का रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री को हटाकर युवाओं की बात सुनने की मांग भी उठाई।
विपक्षी नेता उतरे सड़कों पर
आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के सांसद चंद्रशेखर आजाद और TMC सांसद महुआ मोइत्रा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वे भारतीय युवा होने के नाते युवाओं का दर्द समझते हैं — “मैं यहां उनकी आवाज बनने और उनके साथ खड़े होने के लिए हूं। हम संसद में भी लड़ेंगे।”
AAP नेता मनीष सिसोदिया जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने और सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रदर्शन स्थल तक जाने से रोका गया और धक्का-मुक्की भी की गई। बाद में संजय सिंह और विधानसभा प्रतिपक्ष आतिशी ने बैरिकेड कूदकर प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचने की कोशिश की।
सपा सांसद डिंपल यादव अपनी पार्टी के सांसदों के साथ संसद भवन से जंतर-मंतर तक पैदल पहुंचीं। उन्होंने कहा कि छात्र बार-बार अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन सरकार न तो सुनने को तैयार है और न ही बातचीत करने को। सोनम वांगचुक ने भी संवाद की अपील की लेकिन सरकार का रवैया बेहद असंवेदनशील रहा। उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह खोखली हो चुकी है और इसका सबसे बड़ा खामियाजा देश के युवा और छात्र भुगत रहे हैं।
AAP नेता गोपाल राय ने कहा कि शिक्षा मंत्री देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रहे हैं इसलिए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में कहा कि पेपर लीक के खिलाफ बच्चे जंतर-मंतर पर बैठे हैं लेकिन उन पर लाठीचार्ज करवाया जा रहा है — “मोदी सरकार हमारे युवा की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।”
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दीपके ने तोड़ी भूख हड़ताल
दोपहर में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक के अनुरोध पर ढाई दिन बाद अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। दीपके ने यह उपवास 18 जुलाई को वांगचुक के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती होने के बाद शुरू किया था। भूख हड़ताल खत्म होने के दौरान सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो भी मंच पर मौजूद रहीं।
इसी बीच मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास को डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय ले जाया गया जहां अधिकारियों और CJP के बीच बातचीत हुई। दास ने ANI को बताया — “हम सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि प्रशासन बहुत देर से आया लेकिन CJP ने खुले दिल से बातचीत के लिए हां कहा।
सौरभ दास ने वांगचुक की सेहत के बारे में बताया कि सफदरजंग अस्पताल में उनकी हालत स्थिर बनी हुई है और वे भूख हड़ताल पर कायम हैं। वांगचुक ने अस्पताल से ही प्रदर्शन स्थल पर डटे युवाओं के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं और कहा है कि देश का युवा आखिरकार अपने हक के लिए खड़ा हो गया है।
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच दिनभर तनाव बना रहा लेकिन CJP का रुख अंत तक दृढ़ रहा। प्रदर्शनकारी रात तक जंतर-मंतर पर डटे रहे और आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराते रहे।



