नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका सोमवार दोपहर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर पहुंचे और तीन मांगों का लिखित ज्ञापन सौंपा। यह सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच NEET-UG पेपर लीक मामले पर पहली सीधी बातचीत थी। नड्डा ने शीर्ष नेतृत्व से चर्चा का समय मांगा लेकिन किसी मांग पर कोई वादा नहीं किया। CJP ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन नहीं रुकेगा।
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सरकार से पहली औपचारिक बातचीत
सोमवार सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत का प्रस्ताव आया। जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बातचीत सुबह 11.50 बजे से शुरू हुई जबकि सौरव दास के अनुसार वे दोपहर 12 बजे से नड्डा के आवास पर थे।
पहले मौखिक चर्चा हुई और उसके बाद शाम करीब चार बजे लिखित याचिका नड्डा को सौंपी गई। नड्डा ने कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
सौरव दास ने बताया कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिया कि मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी। साथ ही आश्वासन दिया कि जंतर-मंतर और आसपास के प्रदर्शन स्थल पर आगे कोई सख्त पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी।
तीन मांगें रखीं सरकार के सामने
CJP ने 20 जुलाई 2026 को जेपी नड्डा को सौंपे लिखित ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखीं —
- पहली मांग: सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई और उनकी आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं
- दूसरी मांग: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तत्काल बर्खास्तगी या इस्तीफा
- तीसरी मांग: नीट 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1-1 करोड़ मुआवजा
ज्ञापन में CJP ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में नीट 2026 सहित कई परीक्षाओं में पेपर लीक हुए। CBSE 12वीं का पोर्टल भी बाधित रहा और CUET परीक्षा में देरी हुई। CJP के रिकॉर्ड के अनुसार नीट पेपर लीक के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या की। ज्ञापन में दिल्ली पुलिस से भी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग तुरंत बंद करने की मांग की गई।
रांका ने बताया कि जेपी नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है।
संसद मार्च पर पुलिस कार्रवाई
“संसद चलो” के नारे के साथ सोमवार को हजारों युवा राजधानी की सड़कों पर उतरे और संसद भवन की दिशा में कदम बढ़ाए। जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस और RAF ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। मौके पर बल प्रयोग भी हुआ जिसमें अनेक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।
पूरे संसद परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती कर दी गई। रैपिड एक्शन फोर्स के जवान हर संवेदनशील बिंदु पर मुस्तैद रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे कुछ घंटों के लिए बंद रखे गए। इसी दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की — हालांकि इस बैठक के एजेंडे पर सरकार की ओर से कोई जानकारी सामने नहीं आई।
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आंदोलन जारी रहेगा — CJP
CJP का विरोध प्रदर्शन 6 जून से शुरू हुआ था। 20 जून को सोनम वांगचुक इससे जुड़े और सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर 28 जून से आमरण अनशन पर बैठ गए।
सौरव दास ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा। जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों की लिखित याचिका मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि उस पर उचित स्तर पर विचार किया जाएगा।



