लखनऊ, 27 अक्टूबर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर दिए गए बयान को लेकर जारी विवाद के बीच मायावती ने राजनीतिक दलों के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच बढ़ती तल्खी और निजी टिप्पणियों की होड़ से राजनीतिक माहौल खराब हो रहा है। बसपा प्रमुख ने जोर दिया कि दलों को आपसी विवादों में उलझने के बजाय गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
शीर्ष नेताओं की बयानबाजी पर सवाल
मायावती ने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। उन्होंने आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को बढ़ावा देने पर चिंता जताते हुए कहा कि संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थ की राजनीति से जनता का राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने इसे देश और जनहित के लिए उचित नहीं बताया।
आगे कहा कि भ्रष्टाचार और चुनावी व्यवस्था को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच राजनीतिक दलों के बीच बढ़ती खींचतान जनता की परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने नेताओं से आपसी विवादों के बजाय जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की।
जनता के मुद्दों पर ध्यान
मायावती ने कहा कि जनता चाहती है कि राजनीतिक दल गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने सभी पार्टियों और उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टिप्पणियों और बयानबाजी की बढ़ती होड़ पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से राजनीतिक माहौल और कड़वा व विषैला होगा। मायावती ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से इस दिशा में ध्यान देने की अपील की, ताकि जनता का राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर न हो और देश व जनहित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

