लखनऊ, 27 अक्टूबर। योग गुरु रामदेव के बयान पर उत्तर प्रदेश की सियासत में बहस छिड़ गई है, जिसमें उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को प्रदेश के लिए बहुत उत्तम बताया। रामदेव ने कहा कि ओवैसी दूसरी जगहों के लिए भले अच्छे हों या न हों, लेकिन यूपी में उनके चुनाव में उतरने से कुछ मतदाताओं के वोट कट जाएंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसका बड़ा लाभ होगा। इस पर सपा और कांग्रेस के नेता भाजपा और ओवैसी की मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं, जबकि भाजपा ने रामदेव बयान को कोई अहमियत नहीं दी और प्रदेश में हुए विकास कार्यों को ही चुनावी मुद्दा बताया।
सपा-कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने रामदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा और ओवैसी की राजनीति को कट्टरपंथ से जोड़कर निशाना साधा। कांग्रेस नेता उमाशंकर पांडे ने कहा कि रामदेव और ओवैसी दोनों अपने-अपने क्षेत्र में व्यापार करते हैं। उनके मुताबिक, एक राजनीति में व्यापार करता है, जबकि दूसरा व्यापार में राजनीति करता है।
उमाशंकर पांडे ने आरोप लगाया कि रामदेव भाजपा सरकार के समर्थन में बयान देते रहते हैं, क्योंकि सरकार उनके कारोबार को संरक्षण देती है। उन्होंने ओवैसी की चुनावी भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा उन्हें अपने फायदे के लिए चुनाव मैदान में उतारती है। साथ ही कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ओवैसी की सभाओं में दिए जाने वाले उत्तेजक भाषणों से हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच दूरी बढ़ती है, और इससे होने वाले धार्मिक ध्रुवीकरण का सीधा लाभ भाजपा को मिलता है।
ओवैसी की चुनावी भूमिका पर सवाल
सपा के राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश में ओवैसी के चुनाव लड़ने और रामदेव के बयान, दोनों पर सवाल उठाया कि इनके पीछे किसकी भूमिका है। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि ओवैसी की पार्टी भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में काम कर रही है और बंगाल तथा बिहार की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी इसी भूमिका में उतरना चाहती है। आशुतोष वर्मा ने भाजपा को चेताया कि प्रदेश के मतदाता सजग हैं और दिल्ली की सत्ता का मार्ग उत्तर प्रदेश से ही होकर निकलता है।
भाजपा ने गिनाईं उपलब्धियां
भाजपा प्रवक्ता नवीन श्रीवास्तव ने रामदेव के बयान को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पहले बीमारू राज्यों की श्रेणी में गिना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में विकास हुआ है।
उन्होंने बेहतर कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश, प्रति व्यक्ति आय और राज्य की जीडीपी में वृद्धि को सरकार की उपलब्धियां बताया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में लाखों युवाओं को बिना भेदभाव और पारदर्शी तरीके से नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा आगामी चुनाव में अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाएगी और विपक्षी दलों के आपसी समीकरणों से उसे फर्क नहीं पड़ता।

