कैराना, 26 अक्टूबर। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शामली जिले के कैराना में जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा का नाम बदलकर ‘समाजवादी यादव परिवार’ कर देना चाहिए। मुस्लिम प्रतिनिधित्व, 2013 के मुजफ्फरनगर दंगे और भाजपा को सत्ता से बाहर रखने की रणनीति पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
सपा के नाम पर सुझाव
रविवार को कैराना के झड़खेड़ी रोड पर पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में हुई सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी का नाम समाजवादी से बदलकर समाजवादी यादव परिवार रख लेना चाहिए। इसके पीछे उन्होंने सपा की पारिवारिक राजनीति और मुस्लिम प्रतिनिधित्व में आई कमी का तर्क दिया।
उनके मुताबिक, एक समय आजमगढ़ से मुस्लिम उम्मीदवार सांसद चुने जाते थे, जबकि अब वहां अखिलेश यादव के भाई सांसद हैं। उन्होंने फिरोजाबाद का भी उदाहरण दिया और कहा कि वहां भी पहले मुस्लिम सांसद चुना जाता था, लेकिन अब अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य उस सीट पर हैं।
मुजफ्फरनगर दंगे पर सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के लिए तत्कालीन सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान करीब 50 हजार लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उनका आरोप था कि लड़कियों पर हमले हुए, बच्चे अनाथ हुए और पीढ़ियों से गांवों में रह रहे परिवार बेघर हो गए। सभा में उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय प्रदेश में किसकी सरकार थी और मुख्यमंत्री कौन थे, और फिर कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार में शामिल 47 मुस्लिम विधायक सड़क पर उतरते, तो हिंसा रोकी जा सकती थी। उन्होंने मुस्लिम युवाओं से कहा कि वे दूसरे दलों के नेताओं के लिए नारे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि खुद नेता, विधायक और सांसद बनने की ओर बढ़ें। उनके मुताबिक, मुस्लिम युवाओं में भी दूसरे समुदायों जैसी प्रतिभा है, लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर और मंच नहीं मिलता।
भाजपा और विपक्ष पर टिप्पणी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से रोकने की हर संभव कोशिश करेगी और वह योगी आदित्यनाथ को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनते नहीं देखना चाहते। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी तंज कसा और कहा कि इसकी समयसीमा बार-बार आगे बढ़ती रही है। उन्होंने कहा कि जो दल भाजपा को सत्ता से बाहर रखना चाहते हैं, उन्हें साझा रणनीति पर विचार करना चाहिए।
विपक्षी दलों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में मस्जिदें गिराए जाने और ‘हाफ एनकाउंटर’ जैसे मुद्दों पर वे आवाज नहीं उठा रहे। असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के दाखिल होने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि वे इस पर खुलकर क्यों नहीं बोलते। रविवार को ही रामपुर की सभा में उन्होंने कहा था कि AIMIM नेहरू, गांधी या यादव को नहीं, बल्कि युवाओं को आगे लाएगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी वंचित समुदायों के लिए न्याय की मांग उठाने का अवसर युवाओं को दे रही है।

