गाज़ीपुर, 30 सितंबर। जिले में विद्युत विभाग के लिए काम कर रहे मीटर रीडरों ने अपनी मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात की। कासिमाबाद क्षेत्र में हुई मुलाकात के दौरान रीडरों ने आउटसोर्स निगम में शामिल करने और न्यूनतम मजदूरी के अनुसार मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर पत्रक सौंपा। उन्होंने वर्षों से काम करने के बावजूद रोजगार की सुरक्षा और उचित भुगतान नहीं मिलने की बात कही।
आउटसोर्स में शामिल करने की मांग
मीटर रीडरों के मुताबिक वे लंबे समय से बिजली उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने और बिल उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें आउटसोर्स निगम में शामिल करने की दिशा में अब तक प्रभावी पहल नहीं हुई है। रीडरों ने कहा कि निगम में शामिल किए जाने से उनके रोजगार और भविष्य को लेकर सुरक्षा मिल सकेगी।
उन्होंने न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मानदेय तय करने की मांग भी रखी। रीडरों का कहना है कि विभागीय कामकाज में उनकी जिम्मेदारियां लगातार बनी हुई हैं, लेकिन भुगतान को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं है।
300 रीडर कर रहे बिलिंग
गाज़ीपुर में करीब 300 मीटर रीडर बिजली उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम करते हैं। यह कार्य मेसर्स टीडीएस कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है। रीडरों के अनुसार उन्हें प्रोब, ओसीआर और बिलिंग टारगेट सहित कई जिम्मेदारियां दी जाती हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए उन्हें लगातार फील्ड में काम करना पड़ता है।
मीटर रीडरों का आरोप है कि काम के मुकाबले उन्हें पर्याप्त मानदेय नहीं मिलता। उनके मुताबिक कई रीडरों के खाते में करीब दो से तीन हजार रुपये प्रतिमाह ही भुगतान किया जाता है। न्यूनतम मजदूरी और उचित भुगतान की मांग करने पर काम से हटाए जाने की धमकी मिलने का भी उन्होंने आरोप लगाया। कम मानदेय के कारण परिवार का खर्च चलाने में परेशानी होने की बात भी उन्होंने कही।
राजभर ने दिया भरोसा
कासिमाबाद में मुलाकात के दौरान मीटर रीडरों ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर को अपनी समस्याओं और काम की परिस्थितियों की जानकारी दी। राजभर ने उनकी बातें सुनीं और मांगों को लेकर संबंधित विभागीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री से वार्ता करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मामले को संबंधित स्तर पर उठाने के लिए कुछ समय मांगा और समाधान की दिशा में प्रयास करने की बात कही।

