गाज़ीपुर, 14 अगस्त। सांसद अफजाल अंसारी को उनके 73वें जन्मदिन पर बड़ी प्रशासनिक राहत मिली। मोहम्मदाबाद तहसील प्रशासन ने शुक्रवार को डीएम अनुपम शुक्ला के निर्देश पर हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई उनकी संपत्ति मुक्त कर दी। तहसीलदार महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि माचा और शकरपुर मौजा स्थित संबंधित भूमि को कुर्की से मुक्त कराया गया है, जिसके बाद संपत्ति की पूरी जिम्मेदारी परिवार को सौंप दी गई।
24 बीघे जमीन थी कुर्क
यह संपत्ति वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कुर्क की गई थी। भांवरकोल क्षेत्र में स्थित इस संपत्ति में करीब 24 बीघे यानी 1.370 हेक्टेयर कृषि भूमि और एक फार्म हाउस शामिल है। प्रशासन ने उस समय इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 करोड़ रुपये आंकी थी, जो जिले में हुई बड़ी कार्रवाइयों में शुमार रही।
कागजात के अनुसार जमीन अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी और उनकी बेटियों नुसरत, मारिया व नूरिया अंसारी के नाम दर्ज थी। कुर्की के बाद से यह संपत्ति लगातार प्रशासनिक नियंत्रण में रही। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने संपत्ति मुक्त करने से जुड़ी अभिलेखीय और स्थलीय प्रक्रिया पूरी की।
2022 में चरणबद्ध हुई कार्रवाई
अफजाल अंसारी से संबंधित संपत्तियों पर वर्ष 2022 में अलग-अलग चरणों में प्रशासनिक कार्रवाई हुई थी। 24 जुलाई 2022 को माचा, पनेठा, नरसिंहपुर तरई और खरडीहा क्षेत्रों में करीब 14.90 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई थीं, जो उस समय जिले की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में एक मानी गई थी।
इसके करीब एक महीने बाद 19 अगस्त 2022 को माचा स्थित फार्म हाउस और उससे जुड़ी जमीन पर करीब 12.35 करोड़ रुपये की अलग कार्रवाई हुई थी। शकरपुर मौजा की संपत्ति को लेकर बाद में लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को प्रशासन ने संबंधित संपत्ति को अंततः कुर्की से मुक्त किया।
जन्मदिन के दिन मिली राहत
अफजाल अंसारी का जन्म 14 अगस्त 1953 को गाज़ीपुर के यूसुफपुर में हुआ था। शुक्रवार को उनका 73वां जन्मदिन था। जन्मदिन के दिन ही हाईकोर्ट के आदेश पर पूर्व में कुर्क की गई संपत्ति मुक्त होने से उन्हें और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली।
अभिलेखीय और स्थलीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद संपत्ति की सुपुर्दगी अफजाल अंसारी की बेटी नूरिया अंसारी को कर दी गई। कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे हुई, जिसके साथ ही तीन साल से चल रही यह प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई।

