गाज़ीपुर, 7 सितंबर। गोरा बाजार स्थित ट्रॉमा सेंटर पर पिछले एक महीने से पूरी क्षमता में सेवाएं नहीं चल रही हैं। इसको लेकर सोमवार को छात्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम वेद सिंह चौहान से मुलाकात की और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने सेंटर को 24 घंटे और सातों दिन संचालित करने की मांग की है।
घायलों को दूसरे शहर रेफर
छात्र नेता दीपक उपाध्याय के अनुसार, दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को तत्काल उपचार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे मरीजों को बीएचयू समेत दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। उनका कहना है कि ट्रॉमा सेंटर के संचालन के दौरान मरीजों को निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा मिलती थी, लेकिन सेवाएं बंद होने के बाद गरीब मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों के मुताबिक, सेंटर को मेडिकल कॉलेज से संबद्ध किए जाने के बावजूद वहां सेवाएं पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो सकी हैं। छात्र नेताओं ने निशुल्क जांच और इलाज की सुविधा बहाल करने की मांग भी ज्ञापन में रखी है।
तीन महीने बाद बंद हुई सेवाएं
छात्र नेता प्रदुम्न सिंह यादव के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर को शुरू कराने की मांग को लेकर कुछ महीने पहले आंदोलन किया गया था। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद सेंटर में सेवाएं शुरू हुईं और करीब तीन महीने तक संचालन चला। इसके बाद सीएमओ कार्यालय की ओर से सेंटर को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान वहां रखा सामान भी दूसरी जगह भेजे जाने लगा।
प्रदुम्न यादव के मुताबिक, सीएमओ कार्यालय ने जिलाधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए ट्रॉमा सेंटर का संचालन मेडिकल कॉलेज को सौंपे जाने की जानकारी दी थी। हालांकि, इसके बाद भी सेंटर में सेवाएं पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो सकीं।
धरने की चेतावनी दी
छात्र संघ ने ज्ञापन के माध्यम से सेंटर को पूरी क्षमता के साथ दोबारा शुरू कराने की मांग की है। साथ ही मरीजों के लिए 24 घंटे आपात सेवा और निशुल्क जांच-इलाज की व्यवस्था बहाल करने को कहा है।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ट्रॉमा सेंटर परिसर के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है।

