गाज़ीपुर। आम लोगों की शिकायतों के मौके पर समाधान के लिए शनिवार को जिले की सभी तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। सदर तहसील में इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने की, जबकि उनके साथ पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और राजस्व व पुलिस विभाग को शिकायतों के निष्पक्ष निस्तारण के निर्देश दिए।
511 शिकायतें, 51 का मौके पर समाधान
इस बार जनपद की सभी सात तहसीलों में कुल 511 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 51 का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। अकेले सदर तहसील में 52 शिकायतें आईं, जिनमें से 9 का समाधान तत्काल हुआ।
तहसीलवार बात करें तो सबसे ज्यादा शिकायतें जखनियां तहसील में दर्ज हुईं, जहां 120 मामलों में से 6 का मौके पर निस्तारण किया गया। इसके अलावा सेवराई में 66 में से 4, कासिमाबाद में 61 में से 6, जमानियां में 56 में से 6, सैदपुर में 81 में से 5 और मुहम्मदाबाद में 75 में से 15 शिकायतों का समाधान तुरंत कर दिया गया। मुहम्मदाबाद में सबसे अधिक मामलों का मौके पर निपटारा हुआ।
राजस्व-पुलिस समन्वय पर डीएम का जोर
जिलाधिकारी ने सभी फरियादियों की बातें गंभीरता से सुनीं और जो मामले लंबित रहे, उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी ढंग से होना चाहिए, ताकि किसी फरियादी को बार-बार दफ्तर के चक्कर न लगाने पड़ें।
अनुपम शुक्ला ने जमीन और आपसी विवाद से जुड़े मामलों पर खास तौर पर ध्यान दिलाया। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग आपस में तालमेल बनाकर कार्रवाई करें, जिससे पीड़ितों को जल्द राहत मिल सके। उनके मुताबिक दोनों विभागों का समन्वय ही ज्यादातर विवादों के स्थायी समाधान की कुंजी है।
टीम बनाकर मौके पर पहुंचने के निर्देश
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि समाधान दिवस में मिले शिकायती प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण और तय समय में निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में उच्च स्तर पर कार्रवाई जरूरी है, उनकी रिपोर्ट तुरंत तैयार कर संबंधित अधिकारी को भेजी जाए, ताकि समाधान में देरी न हो।
दोनों अधिकारियों ने राजस्व और पुलिस की टीमों को निर्देश दिया कि वे मौके पर जाकर शिकायतों को गंभीरता से लें और उनका शत-प्रतिशत निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करें। इस मौके पर उपजिलाधिकारी सदर रविश गुप्ता समेत कई जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि संपूर्ण समाधान दिवस आम लोगों को उनके घर के नजदीक न्याय दिलाने का अहम मंच है, और इसकी सार्थकता तभी है जब शिकायतों का समाधान जमीनी स्तर पर दिखे।

