गाज़ीपुर। कोतवाली पुलिस ने 15 जुलाई की शाम अष्टभुजी कॉलोनी में स्नेहलता राय के गले से लाकेट छीनने के मामले में 20 घंटे के भीतर तीन बाल अपचारियों को हिरासत में ले लिया। 16 जुलाई की शाम करीब 6 बजे मुखबिर की सूचना पर रौजा ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर तीनों को मोटरसाइकिल सहित पकड़ा गया। इनके कब्जे से ₹46,400 नकद, एक कैमरा और पीली धातु का लाकेट बरामद किया गया। यह कार्रवाई उपनिरीक्षक शिवाकांत मिश्रा और उपनिरीक्षक अभिनव कुमार गुप्ता की टीम ने की।
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रौजा ओवरब्रिज से धरे गए
16 जुलाई की शाम को कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कैमरा और लाकेट छिनैती की वारदातों में शामिल तीन बाल अपचारी घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल के साथ रौजा ओवरब्रिज के नीचे चोरी का सामान बेचने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और तीनों को मौके पर धर दबोचा। इनके कब्जे से ₹46,400 नकद, एक कैमरा और पीली धातु का लाकेट बरामद किया गया। थाना कोतवाली में मु.अ.सं. 509/2026 और 514/2026 धारा 304(2), 317(2) BNS के तहत मामला दर्ज है।
उल्लेखनीय है कि यह वारदात होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की हत्या के बाद हुई थी। विनीत की बुआ स्नेहलता राय उसी अष्टभुजी कॉलोनी में बाइक सवार बदमाशों की छिनैती का शिकार हुई थीं जहां पुलिस का कड़ा पहरा था।
पूछताछ में खुले कई राज
तीनों बाल अपचारियों ने पूछताछ के दौरान अष्टभुजी कॉलोनी में स्नेहलता राय के गले से लाकेट छीनने और दो दिन पहले शिव वाटिका के पास एक व्यक्ति से कैमरा झपटने की वारदात स्वीकार की।
इसके अलावा कासिमाबाद के रामगढ़ क्षेत्र में एक सर्राफ से ₹8,000 लूटने, कुवाटी नहर के पास एक महिला से सोने की चेन छीनकर उसे ₹24,000 में बेचने और नाथूपुर पुलिया के पास एक व्यक्ति से सोने की सिकड़ी और ₹3,000 छीनने की वारदातें भी कबूल कीं।
पुलिस बरामद सामान की पहचान कर उसे पीड़ितों को सौंपने और गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे
कोतवाली पुलिस के अनुसार तीनों बाल अपचारियों के खिलाफ कासिमाबाद और सादात थानों में पहले से लूट और छिनैती के कई मुकदमे दर्ज हैं।
विनीत राय हत्याकांड के बाद अष्टभुजी कॉलोनी में पुलिस सुरक्षा बढ़ाई गई थी। इसके बावजूद 15 जुलाई को स्नेहलता राय इस वारदात का शिकार हुईं जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए थे। हालांकि कोतवाली पुलिस ने 20 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को दबोचकर अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया।



