गाज़ीपुर। वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक आशीष कुमार जैन ने शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर व्यापक निरीक्षण किया। विशेष सैलून से स्टेशन पर उतरे DRM ने तीनों प्लेटफॉर्म की यात्री सुविधाओं, तकनीकी प्रणालियों और निर्माण कार्यों की बारीकी से जांच की। जल आपूर्ति कक्ष में पानी शुद्ध करने वाली क्लोरीन मशीन खराब मिली, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए।
तीनों प्लेटफॉर्म की हुई विस्तृत जांच
DRM आशीष कुमार जैन ने प्लेटफॉर्म संख्या एक, दो और तीन का एक-एक कर निरीक्षण किया। यात्री प्रतीक्षालय की स्थिति, शौचालय और मूत्रालय की साफ-सफाई तथा पेयजल की उपलब्धता उनकी जांच के मुख्य बिंदु रहे। टिकट काउंटर पर यात्री सेवाओं की समीक्षा के साथ सूचना बोर्ड और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी परखी गई। स्टेशन मास्टर कार्यालय, रिले रूम, विद्युत व्यवस्था, रेलवे अभिलेख और आपातकालीन स्विच — सभी की जांच हुई।
स्टेशन पर निर्माणाधीन शौचालय और वेटिंग हॉल की प्रगति और गुणवत्ता भी DRM की नज़र से नहीं बची। उन्होंने इन कार्यों की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण दल में वरिष्ठ मंडल अभियंता आयुष कुमार सिंह, मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता पुष्पेंद्र कुमार वैश्य, मंडल वाणिज्य प्रबंधक आलोक श्रीवास्तव, मंडल विद्युत अभियंता दीपक यादव और सहायक मंडल परिचालन प्रबंधक एसके राय शामिल रहे।
यह भी पढ़ें: गाज़ीपुर में साइबर ठगी के 50 हजार वापस
क्लोरीन मशीन बंद मिली
स्टेशन परिसर के पिछले हिस्से में स्थित जल आपूर्ति कक्ष की जांच में एक गंभीर खामी सामने आई। पेयजल शुद्धिकरण के लिए लगाई गई क्लोरीन मशीन बंद पड़ी थी। यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे की बुनियादी ज़िम्मेदारी है। मशीन के बंद रहने से पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं हो सकती।
DRM ने इस लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। तत्काल मशीन दुरुस्त कराने के आदेश दिए गए। साथ ही मशीन की नियमित देखरेख और रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्री सुविधाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आनी चाहिए।
रैंप समेत कई मांगें रखीं
स्टेशन मास्टर आरके सुमन ने निरीक्षण के दौरान DRM के सामने स्टेशन की कई ज़रूरतें रखीं। उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म संख्या एक से अन्य प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप की व्यवस्था नहीं है। इस कारण दिव्यांगजनों को आवाजाही में काफी कठिनाई होती है। टिकट काउंटर के पास बेहतर सूचना बोर्ड लगाने की ज़रूरत भी बताई गई ताकि यात्रियों को ट्रेन और प्लेटफॉर्म की सही जानकारी आसानी से मिल सके।
स्टेशन की समग्र साफ-सफाई और यात्री सुविधाओं के स्तर को ऊंचा उठाने की मांग भी स्टेशन मास्टर ने रखी। DRM आशीष कुमार जैन ने सभी बिंदुओं को ध्यान से सुना। हर मांग पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन वाराणसी मंडल के अंतर्गत आता है और इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। DRM के इस निरीक्षण में स्टेशन की कई खामियां और लंबित ज़रूरतें सामने आईं। अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों और आश्वासनों के बाद यात्रियों को उम्मीद है कि इन कमियों को जल्द दूर किया जाएगा।

