📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। शहर के बेलडाढ़ मोड, रुद्रपुर रोड स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। केंद्र में भर्ती बीटेक छात्र की सोमवार की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान राघवनगर, सदर कोतवाली क्षेत्र निवासी रितेश राव (38) पुत्र स्वर्गीय बृजेश राव के रूप में हुई है। परिजनों ने केंद्र संचालक पर ओवरडोज दवा देने का गंभीर आरोप लगाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी केंद्र में महज 4 दिन पहले भी एक युवक की मौत हो चुकी थी।
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11 मई को भर्ती हुए थे रितेश
रितेश राव (39) अपने माता-पिता बृजेश राव के इकलौते पुत्र थे। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई की थी और दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी भी करते थे। हालांकि करीब 8 साल से नशे की लत के कारण वे घर पर ही रह रहे थे। नशे की लत छुड़ाने के लिए परिजनों ने उन्हें 11 मई 2026 को रुद्रपुर रोड स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। मृतक के चचेरे भाई आशुतोष राव ने बताया कि सोमवार शाम केंद्र से फोन आया कि रितेश की तबियत अचानक खराब हो गई है। परिजन जब मौके पर पहुंचे तो रितेश की हालत बेहद गंभीर थी।
इसके बाद उन्हें तुरंत देवरिया मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। वहीं कई शुभचिंतक उनके राघवनगर स्थित आवास पर भी पहुंचे।
4 दिन में दूसरी मौत — केंद्र पर उठे सवाल
सबसे गंभीर बात यह है कि इसी नशा मुक्ति केंद्र में इससे महज 4 दिन पहले एक अन्य युवक की मौत हो चुकी थी। 23 मई को तिलई बेलवां गांव निवासी सुरेश यादव (38) की भी इसी केंद्र में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। उस मामले में भी पुलिस जांच कर रही थी। नतीजतन 4 दिन के भीतर दो मौतों के बाद अब इस केंद्र की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस हरकत में आ गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार राय ने बताया कि परिवार की शिकायत दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। मौत की वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
परिजनों का आरोप — ओवरडोज से हुई मौत
परिजनों ने केंद्र संचालक पर आरोप लगाया कि रितेश को जरूरत से ज्यादा दवाएं दी गईं जिसकी वजह से उनकी मौत हुई। परिजनों ने मांग की है कि केंद्र संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी है।
