📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रजनी पटेल और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच.के. मिश्रा ने शुक्रवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने इमरजेंसी, ओपीडी, MCH विभाग, रजिस्ट्रेशन काउंटर और विभिन्न वार्डों का जायजा लिया। संबंधित चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को मरीजों के उपचार की गुणवत्ता बनाए रखने, समय पर उपस्थित रहने और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्राचार्या ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल आने वाला हर मरीज उपचार से संतुष्ट होकर जाए — यह सुनिश्चित करना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है।
यह भी पढ़ें: स्कूल चलो अभियान का दूसरा चरण शुरू
इमरजेंसी और ओपीडी का निरीक्षण
प्राचार्या डॉ. रजनी पटेल ने निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी और ओपीडी की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने चिकित्सकों और कर्मचारियों से अस्पताल में आने वाले हर मरीज के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि मरीजों का उपचार पारदर्शी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। इसके साथ ही दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो — इस पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सकों को समय से अपने कार्यस्थल पर पहुंचने की सख्त हिदायत दी गई। इसके अलावा अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का स्तर बनाए रखना भी इस निरीक्षण का एक अहम बिंदु रहा।
CMS ने मरीजों से की बातचीत
CMS डॉ. एच.के. मिश्रा ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर भर्ती मरीजों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से सीधे बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनके इलाज, दवाओं और अन्य सुविधाओं के बारे में प्रतिक्रिया ली।
वार्डों में दी जा रही सेवाओं की समीक्षा के बाद चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और वार्डों की साफ-सफाई को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी जोर दिया गया।
इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से भी CMS ने मुलाकात की और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहां भी कमी नजर आई वहां संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
यह भी पढ़ें: सृजन क्लब का निःशुल्क नेत्र जांच शिविर
मरीजों की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता
प्राचार्या डॉ. रजनी पटेल ने कहा कि अस्पताल में कदम रखने वाला हर व्यक्ति उपचार से संतुष्ट होकर जाए। यह केवल चिकित्सकों की नहीं बल्कि नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी है।
किसी भी मरीज को दवा के अभाव में परेशानी न हो — यह निर्देश दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दिए गए। अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया क्योंकि यह संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी है।
CMS डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वार्डों और परिसर की सफाई के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रहे। मरीजों के परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो — संबंधित स्टाफ को इस पर भी ध्यान देने को कहा गया।


