गाज़ीपुर। थाना नोनहरा की साइबर हेल्प डेस्क टीम ने ऑनलाइन ठगी के शिकार एक युवक की पूरी रकम वापस कराने में सफलता हासिल की। लखमीपुर निवासी सत्यांश उपाध्याय पुत्र राकेश कुमार उपाध्याय साइबर अपराधियों के झांसे में आकर ₹10,838 गंवा बैठे थे। पीड़ित की शिकायत पर थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी के निर्देशन में साइबर हेल्प डेस्क प्रभारी उपनिरीक्षक अविनाश मणि तिवारी और उनकी टीम ने कार्रवाई की। ₹10,152 की राशि कोर्ट आदेश के माध्यम से और ₹686 की राशि MRM पोर्टल के जरिए वापस कराई गई। पूरी धनराशि पीड़ित के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) खाते में सफलतापूर्वक भेज दी गई।
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पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
साइबर ठगी का पता चलते ही सत्यांश उपाध्याय ने बिना देर किए NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और थाना नोनहरा को भी सूचित किया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी के निर्देश पर साइबर हेल्प डेस्क टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
साइबर अपराध में धनराशि वापस मिलने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि पीड़ित कितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराता है। सत्यांश ने समय रहते कदम उठाया और इसी वजह से पुलिस को कार्रवाई का पूरा मौका मिला। उपनिरीक्षक अविनाश मणि तिवारी और उनकी टीम ने लगातार प्रयास कर ठगी की पूरी राशि वापस कराने में सफलता हासिल की।
दो रास्तों से मिली पूरी राशि
पूरी ₹10,838 की धनराशि दो अलग-अलग माध्यमों से वापस कराई गई। पहले ₹10,152 की रकम न्यायालय के आदेश के माध्यम से वापस हुई। इसके बाद शेष ₹686 की राशि CFCFRMS के MRM पोर्टल के जरिए पीड़ित के खाते में भेजी गई।
यह पूरी प्रक्रिया साइबर हेल्प डेस्क टीम की सक्रियता और तकनीकी दक्षता का नतीजा रही। दोनों माध्यमों का एकसाथ उपयोग कर पुलिस ने ठगी की एक भी पाई वापस कराना सुनिश्चित किया। धनराशि पीड़ित के इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) खाते में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दी गई।
रकम वापस मिलने पर सत्यांश उपाध्याय ने नोनहरा पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क टीम का आभार व्यक्त किया।
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साइबर ठगी हो तो क्या करें
नोनहरा पुलिस की इस सफलता से एक जरूरी संदेश सामने आया है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत कदम उठाने से रकम वापस मिल सकती है। साइबर ठगी होने पर सबसे पहले 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके साथ ही www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराएं।
अपने बैंक को तुरंत सूचित करें ताकि लेनदेन रोका जा सके। जितनी जल्दी शिकायत होगी उतनी ही जल्दी धनराशि वापस मिलने की संभावना बनती है। NCRP पोर्टल पर शिकायत के बाद थाने को भी सूचित करें — इससे साइबर हेल्प डेस्क तेजी से कार्रवाई कर सकती है।

