गाज़ीपुर। मानसून में देरी और सूखे की बढ़ती आशंका के बीच जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने 3 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक जनपद में विशेष किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और फसल बीमा अभियान शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर इसी दिशा में बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा की कमी से प्रभावित जिलों में KCC और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का कवरेज तेजी से बढ़ाया जाए। गाज़ीपुर में 5 लाख से अधिक किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री बनवाई है लेकिन KCC से लाभान्वित किसानों की संख्या मात्र 1 लाख 74 हजार ही है। इस अंतर को पाटना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।
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संवेदनशील क्षेत्रों में सूखे की आशंका
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली के कृषि भवन में खरीफ फसलों की स्थिति और मानसून की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि देशभर में वर्षा की कमी की आशंका वाले 262 संवेदनशील जिलों की पहचान की गई है। इनमें से 52 जिलों में हाल के दिनों में बारिश हुई है जबकि 210 जिले अभी भी वर्षा की कमी का सामना कर रहे हैं। इनमें से 8 जिलों में अब तक नगण्य या बिल्कुल वर्षा नहीं हुई है।
बैठक में एल नीनो के संभावित प्रभावों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। समग्र रूप से इस वर्ष वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया गया है। देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में कम है। इसके साथ ही फसल मौसम निगरानी समूह (CWWG) की साप्ताहिक बैठकों के माध्यम से सूखे की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान
DM अनुपम शुक्ला ने जनपद में जारी निर्देशों में 166 बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में मुनादी और ग्राम चौपाल के जरिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इन गांवों के शत-प्रतिशत किसानों का KCC कार्ड बनवाना और उन्हें PMFBY से जोड़ना इस अभियान की प्राथमिकता है।
ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव या पंचायत सहायक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। विकासखंड स्तर पर विकास खंड अधिकारी और जनपद स्तर पर जिला कृषि अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। बैंकों के साथ समन्वय का दायित्व अग्रणी बैंक प्रबंधक का होगा।
साथ ही, पंचायत सहायक, लेखपाल, जन सुविधा केंद्र संचालक, बीमा कंपनी प्रतिनिधि, स्थानीय बैंक मैनेजर, बैंक मित्र और कृषि, सहकारिता, उद्यान, पशुपालन व मत्स्य विभाग के कर्मचारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर किसानों के फॉर्म भरवाने और उन्हें बैंक तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे।
₹4.15 करोड़ का मुआवजा
जनपद में इससे पहले फसल बीमा का दायरा बेहद सीमित था। पिछले वर्षों में मात्र 5 से 6 हजार KCC धारक किसानों का ही बीमा हो पाता था। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा पिछले वर्ष चलाए गए अभियान का सकारात्मक असर दिखा। खरीफ में 47,000 और रबी में 42,000 किसान KCC धारकों का बीमा संभव हुआ। परिणामस्वरूप 6,102 किसानों को फसल बीमा के माध्यम से ₹4 करोड़ 15 लाख से अधिक की क्षतिपूर्ति मिली।
इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए DM ने बैंकों, बीमा कंपनी और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शत-प्रतिशत और संपूर्ण जनपद में सभी पात्र किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए।
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KCC पर मात्र 4% ब्याज
DM अनुपम शुक्ला ने किसानों से अपील की है कि मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर आसानी से KCC कार्ड बनवाया जा सकता है। ₹1.60 लाख तक के KCC कार्ड पर किसी भी प्रकार का बंधक रखने की जरूरत नहीं होती। KCC बनवाते ही किसान स्वतः PMFBY से जुड़ जाते हैं और नाम मात्र के प्रीमियम पर उन्हें प्रतिकूल मौसम के विरुद्ध वित्तीय सुरक्षा कवच मिल जाता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने भी राष्ट्रीय बैठक में PMFBY के प्रभावी क्रियान्वयन और कृषि ऋण कवरेज बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित जिलों में मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर कॉन्टिंजेंसी प्लान के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।



