नोएडा। थाना सेक्टर-126 पुलिस ने पीजी, हॉस्टल और किराये के कमरों में चोरी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बालन गोविन्दन (36) पुत्र गोविन्दन, निवासी तिरुपत्तूर, तमिलनाडु के रूप में हुई है। उसे सेक्टर-131 स्थित गढ़ी शाहपुर के सामने पुश्ता रोड से गिरफ्तार किया गया। बरामदगी में 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल, ₹12,500 नकद, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और एक अवैध चाकू शामिल हैं। अतिरिक्त DCP मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी लंबे समय से नोएडा और एनसीआर में सक्रिय था और खासतौर पर छात्रों व नौकरीपेशा लोगों को निशाना बनाता था।
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रेकी के बाद वारदात
मामले की शुरुआत सेक्टर-128 के शाहपुर गांव निवासी विशाल आडभाई की शिकायत से हुई। उन्होंने थाना सेक्टर-126 में तहरीर दी कि कमरे का दरवाजा खुला होने का फायदा उठाकर कोई अज्ञात व्यक्ति उनके दो लैपटॉप चोरी कर ले गया। इसके अलावा उनके रूम पार्टनर के दो लैपटॉप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी चोरी हुए थे। शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच शुरू हुई।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वारदात से पहले कई दिनों तक पीजी, हॉस्टल और किराये के मकानों की रेकी करता था। जहां सुरक्षा कमजोर होती या लोग लापरवाही में दरवाजे खुले छोड़ देते — वही उसका निशाना होता था। मौका मिलते ही लैपटॉप, मोबाइल और नकदी उठाकर फरार हो जाता था।
पुलिस ने विशेष टीम गठित कर सर्विलांस चलाया और आखिरकार सेक्टर-131 में चेकिंग के दौरान आरोपी को दबोच लिया। तलाशी में इस मामले से जुड़े चार लैपटॉप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस के साथ अन्य चोरी की वारदातों से संबंधित माल भी मिला।
चोरी की बाइक और ऐप टैक्सी
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वारदात के लिए वह हमेशा चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग करता था। पुलिस की नजर से बचने के लिए कई बार रैपिडो और ओला जैसी ऐप आधारित बाइक सेवाओं का भी सहारा लेता था ताकि उसकी पहचान का कोई सुराग न रहे।
चोरी के बाद माल ठिकाने लगाने के लिए उसके पास दो तरीके थे। पहला — राह चलते लोगों को कम कीमत पर मोबाइल और लैपटॉप बेच देना। दूसरा — जो सामान नहीं बिकता उसे पार्सल के जरिए तमिलनाडु भेज देना जहां उसके परिचित उसे बेचते थे। चोरी की कमाई से वह अपने निजी खर्च चलाता था।
अपने पास हमेशा एक अवैध चाकू रखता था ताकि विरोध होने पर लोगों को डराकर भाग सके। थाना सेक्टर-126, सेक्टर-113 और एक्सप्रेसवे थाने समेत गौतमबुद्धनगर के कई थानों में उसके खिलाफ चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
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गिरोह की जांच जारी
पुलिस अब बरामद 7 मोबाइल फोन और 6 लैपटॉप के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपी किसी संगठित चोरी गिरोह से जुड़ा था या अकेले वारदातें करता था।
अतिरिक्त DCP मनीषा सिंह के अनुसार आगे की पूछताछ में और वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। तमिलनाडु में सामान खरीदने वाले लोगों तक भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।


