📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। देवरिया जनपद में पिछले कुछ समय से अवैध खनन की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। नदियों के किनारे और ग्रामीण क्षेत्रों में रात के अंधेरे में मिट्टी और बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा था बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही थी। इन शिकायतों पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सख्त रुख अपनाते हुए खनन विभाग को गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंगलवार 26 मई की शाम खनन निरीक्षक जितेंद्र कुमार शर्मा द्वारा विभिन्न स्थलों पर जांच अभियान चलाया गया। जांच में देवरिया बाईपास प्राइवेट लिमिटेड फर्म द्वारा बिना अनुमति अवैध मिट्टी खनन किए जाने की पुष्टि हुई।
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₹5 लाख का अर्थदंड — अनुज्ञा निरस्त होगी
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत किए जाने के बाद संबंधित फर्म पर ₹5 लाख का आर्थिक दंड लगाया गया। साथ ही फर्म की अनुज्ञा निरस्त किए जाने की कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। खनन निरीक्षक ने बताया कि फर्म को पहले प्रारंभिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि संतोषजनक उत्तर एवं साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
उत्तर प्रदेश में खनन अधिनियम के तहत बिना अनुमति खनन करना दंडनीय अपराध है। नियमानुसार अनुज्ञा धारक केवल निर्धारित सीमा और स्वीकृत सामग्री का ही उत्खनन कर सकता है। इसके उल्लंघन पर आर्थिक दंड के साथ-साथ अनुज्ञा रद्द करने और एफआईआर दर्ज करने का भी प्रावधान है। देवरिया बाईपास प्राइवेट लिमिटेड के मामले में फर्म को नोटिस देने के बावजूद संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया।
दो JCB मशीनें भी पकड़ी गईं
अभियान के दौरान बनकटा और खुखुंदू थाना क्षेत्र में अवैध खनन में संलिप्त एक-एक JCB मशीन भी पकड़ी गई। दोनों मशीनों को संबंधित थानों में सुपुर्द कर दिया गया है। इन मशीनों की कीमत लाखों रुपये होती है। JCB जब्ती से अवैध खनन में लगे लोगों को सीधा आर्थिक नुकसान होता है। यही कारण है कि प्रशासन अब वाहन जब्ती को अवैध खनन रोकने का सबसे प्रभावी हथियार मान रहा है।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी और सघन अभियान चलाकर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। अवैध खनन से सरकारी खजाने को भारी नुकसान होता है। साथ ही नदियों का पारिस्थितिकी तंत्र भी बिगड़ता है। देवरिया में यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि प्रशासन इस मामले में किसी को भी नहीं बख्शेगा।
आने वाले दिनों में और भी स्थलों पर जांच अभियान चलाए जाने की संभावना है। जिले में खनन माफिया के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिलाधिकारी ने खनन विभाग को निर्देश दिया है कि रात्रि में भी गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध वाहनों की जांच की जाए। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी राजस्व की चोरी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
