📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार सुबह करीब 8 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरकुलवा का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे जिलाधिकारी ने अस्पताल की समग्र व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मचारी अनुपस्थित मिले जिस पर DM ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ऐसे कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कई अहम आदेश जारी किए।
यह भी पढ़ें: देवरिया में DM का जनता दर्शन
CMO को निलंबन के आदेश
सुबह 8 बजे जब जिलाधिकारी अचानक CHC तरकुलवा पहुंचे तो पाया कि एमओआईसी और कुछ अन्य जिम्मेदार अधिकारी तो मौजूद थे लेकिन कुछ कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थे। DM ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने ओपीडी, प्रसव केंद्र, पंजीकरण कक्ष और दवा वितरण केंद्र — सभी का एक-एक कर निरीक्षण किया। हर विभाग में व्यवस्था की पड़ताल की और जहां कमी मिली वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय से अपने कार्यस्थल पर उपस्थित रहें — इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मरीजों के साथ व्यवहार और उनके इलाज की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। DM ने निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का स्तर हर हाल में बनाए रखा जाए क्योंकि यह मरीजों के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा मामला है।
आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की नजर उस समय वहां जांच के लिए आई एक गर्भवती महिला पर भी पड़ी। DM ने उस महिला का मातृ-शिशु कार्ड (MTC Card) जांचा और पाया कि जांच प्रक्रिया नियमानुसार चल रही है। उन्होंने वहीं उस महिला का शुगर टेस्ट और ब्लड टेस्ट कराया।
जांच के बाद आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि परीक्षण में आने वाले सभी आंकड़े — चाहे शुगर के हों या ब्लड के — MTC कार्ड में अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं। यह रिकॉर्ड गर्भवती महिला की पूरी देखभाल के लिए जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकती है।
DM ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि ट्रिपल A — यानी आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम — की जमीनी स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा CHO, HEO और ARO जैसे अधिकारी भी नियमित रूप से क्षेत्र में जाएं और वहां की वास्तविक स्थिति की जांच करें।
यह भी पढ़ें: देवरिया में मोहर्रम से पहले DM-SP का फ्लैग मार्च
टीकाकरण पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र पर ड्यू लिस्ट के सत्यापन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों का समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। टीकाकरण सत्र समय से लगें और कोई भी पात्र व्यक्ति इससे वंचित न रहे — यह DM का स्पष्ट आदेश था।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि “आज सुबह 8 बजे CHC तरकुलवा का निरीक्षण किया। MOIC और संबंधित अधिकारी उपस्थित मिले लेकिन कुछ अनुपस्थित थे — उनके खिलाफ CMO को निलंबन के निर्देश दिए गए हैं।”



