उन्नाव। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री दयाशंकर सिंह, उन्नाव सांसद साक्षी महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे लगभग ₹4,700 करोड़ की लागत से तैयार हुआ है। इस पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।
उद्घाटन के बाद सभी नेता एक्सप्रेसवे के रास्ते सड़क मार्ग से लखनऊ रवाना हुए। यह देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेसवे है जहां ANPR कैमरों और FASTag के जरिए बिना गाड़ी रोके टोल कटेगा। आम जनता के लिए यह एक्सप्रेसवे मंगलवार से खुलेगा।
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उन्नाव में हुआ उद्घाटन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सेना के हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। उन्नाव के पड़री स्थित झाऊखेड़ा रेस्ट एरिया में उतरने के बाद जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
लोकार्पण से पहले सभी अतिथियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें एक्सप्रेसवे की निर्माण प्रक्रिया, प्रमुख विशेषताओं और लाभों की जानकारी दी गई। इसके बाद सभी मुख्य मंच पर पहुंचे और एक्सप्रेसवे को जनता को समर्पित किया।
उद्घाटन से पहले मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब सड़कें बेहतर होती हैं तो दूरी घटने के साथ-साथ विकास की गति बढ़ती है और निवेश के नए द्वार खुलते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा नितिन गडकरी के प्रयासों से उन्नाव में ₹4,850 करोड़ से अधिक की 3 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ।
बिना रुके कटेगा टोल
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे देश का पहला बैरियर-लेस एक्सप्रेसवे है। यहां टोल वसूली के लिए वाहन को रोकना नहीं होगा और कोई बैरियर भी नहीं होगा।
टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले लगे हाई डेफिनेशन ANPR कैमरे वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को पूरी रफ्तार में ही स्कैन कर लेंगे और स्वतः टोल काट लेंगे।
NHAI के अधिकारियों ने बताया कि AI आधारित कैमरे किसी दुर्घटना की स्थिति में तत्काल NHAI के कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे। इस तकनीक से रोड सेफ्टी में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि टेस्ट ड्राइव के दौरान वह मात्र 27 मिनट में कानपुर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेशवासियों के लिए बड़ा तोहफा है और इस परियोजना में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का विशेष योगदान रहा।
63 किलोमीटर, ₹4,700 करोड़
₹4,700 करोड़ की लागत से तैयार यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी को पूरी तरह बदल देगा। अभी लखनऊ से कानपुर का सफर ढाई से तीन घंटे में पूरा होता था जो अब घटकर 30 से 40 मिनट रह जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। दोपहिया वाहनों के इस पर प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
इस एक्सप्रेसवे से उन्नाव जिले के लोगों को भी सीधा फायदा होगा। यह दो हाईवे को आपस में जोड़ता है जिससे एक तरफ लालगंज रायबरेली और दूसरी तरफ कानपुर-लखनऊ हाईवे से कनेक्टिविटी मिलेगी।
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टोल ₹275, दोपहिया बैन
कार से लखनऊ से कानपुर जाने के लिए ₹275 टोल देना होगा जो पहले ₹95 था। ईंधन खर्च की बात करें तो CNG कार में ₹210, डीजल कार में ₹230 और पेट्रोल की छोटी कार में ₹250 का खर्च आएगा।
NHAI के अनुसार टोल प्लाजा से 500 मीटर पहले लगे HD कैमरे वाहन की नंबर प्लेट और FASTag को चलते-चलते स्कैन कर लेंगे और टोल राशि खाते से खुद कट जाएगी। वाहन चालक को गति कम करने की कोई जरूरत नहीं होगी।
यह एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के आवागमन को तेज करेगा। उन्नाव के लोग अब इस मार्ग से रायबरेली और कानपुर दोनों दिशाओं में सरलता से जा सकेंगे।


