लखनऊ। पुलिस लाइन के अफसरों पर वसूली का आरोप लगाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को विभागीय जांच के बाद रविवार 28 जून को बर्खास्त कर दिया गया। सुनील ने 7 मई 2026 को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस लाइन के गणना प्रभारी और आरआई पर प्रति जवान ₹2,000 की वसूली का आरोप लगाया था। विभागीय जांच में वे आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं दे सके जिसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई। बर्खास्तगी के बाद जारी वीडियो में सिपाही ने BJP को “ईस्ट इंडिया कंपनी” कहते हुए कहा कि यह बर्खास्तगी BJP की विजय रथ पर “ताबूत की आखिरी कील” साबित होगी।
यह भी पढ़ें: अखिलेश को दिखाए काले झंडे — प्रयागराज में झड़प
₹2,000 प्रति जवान वसूली का लगाया था आरोप
7 मई 2026 को सुनील कुमार शुक्ला ने अवकाश लेने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने पुलिस लाइन के गणना प्रभारी और आरआई पर ड्यूटी के नाम पर प्रत्येक जवान से ₹2,000 वसूलने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने लगातार कई और वीडियो जारी किए जिनमें वरिष्ठ अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। लखनऊ पुलिस ने तत्काल मामले की जांच के लिए समिति गठित की। एडीसीपी पश्चिम धनंजय सिंह कुशवाहा की अगुवाई में समिति ने सभी संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए। सुनील को अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया गया। हालांकि जांच में वे अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सके।
उल्लेखनीय है कि सुनील मूल रूप से अमेठी के गौरीगंज के रहने वाले हैं। उनकी पत्नी भी सिपाही हैं और रायबरेली में तैनात हैं। वीडियो जारी करने के बाद से ही विभागीय कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी।
विभागीय जांच में दोषी
जांच समिति की रिपोर्ट में सुनील को कई गंभीर उल्लंघनों का दोषी पाया गया। जांच में यह स्थापित हुआ कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के विरुद्ध बिना साक्ष्य के आरोप लगाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया। इससे विभाग की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।
इसके अतिरिक्त जांच में पाया गया कि सुनील ने बिना अनुमति सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति-2023 का उल्लंघन किया। उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 के नियम 3, 6, 7 और 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम के प्रावधानों की भी अनदेखी की गई। पुलिस बल में अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने और अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप सिद्ध हुआ। इन सभी आधारों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।
यह भी पढ़ें: प्रयागराज में अखिलेश ने BJP पर साधा निशाना
“BJP ईस्ट इंडिया कंपनी बन गई”
बर्खास्तगी के बाद जारी वीडियो में सिपाही ने कहा कि उन्हें बर्खास्त करने वाले अफसरों से कोई शिकवा-गिला नहीं है। उन्होंने कहा — “यदि मुझे किसी से शिकवा-गिला है तो उस BJP से है जिसे हमारे परिवार ने हमेशा वोट देकर जिताया। हमारे माननीय मुख्यमंत्री से शिकवा-गिला है।”
सिपाही ने BJP पर तीखा हमला बोलते हुए कहा — “अब BJP वो BJP नहीं रही। अब BJP ईस्ट इंडिया कंपनी BJP हो गई है। मेरी बर्खास्तगी इस ईस्ट इंडिया कंपनी की विजय रथ पर ताबूत की आखिरी कील साबित होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में उनके खिलाफ मुकदमे भी लिखे जाएंगे और हत्या कराने का प्रयास भी किया जाएगा — लेकिन वे कोई ऐसा कृत्य नहीं करेंगे जिससे समाज के लोगों को दुखी होना पड़े।

