झांसी/लखनऊ। बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी के किला मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने जनसमूह के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की इस धरती पर आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश की e-आयुष पत्रिका का विमोचन भी हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में योग को व्यक्ति के शरीर से आगे ले जाकर पूरे राष्ट्र के स्वास्थ्य से जोड़ा और कहा कि एक स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव बन सकता है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
झांसी गूंजा योग का संदेश
सुबह से ही झांसी का किला मैदान योगाभ्यास के लिए तैयार था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह के साथ योगासन किए और अपने संबोधन में कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि इस वर्ष झांसी की इस भूमि पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम की अमर नायिका महारानी लक्ष्मीबाई के इस किले के प्रांगण में योग दिवस का आयोजन अपने आप में विशेष महत्व रखता है।
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“स्वस्थ आयु के लिए योग” — इस वर्ष का योग दिवस इसी थीम के इर्द-गिर्द बुना गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ढलती उम्र के साथ जो शारीरिक कमजोरियां दस्तक देती हैं, योग उनसे जूझने की ताकत देता है। उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक “न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः, प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्” को उद्धृत करते हुए समझाया कि योग साधना में पक्का शरीर व्याधि और वार्धक्य दोनों से परे हो जाता है।
योग से स्वस्थ नागरिक, स्वस्थ राष्ट्र
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में योग को व्यक्ति तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी, शिक्षक, किसान, वैज्ञानिक और श्रमिक — सब स्वस्थ होंगे, तभी देश आगे बढ़ेगा। हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए तन और मन दोनों का दुरुस्त होना जरूरी है। उनके शब्दों में — जब नागरिक स्वस्थ होगा, तभी राष्ट्र स्वस्थ होगा।
सीएम ने कहा कि भारतीय परंपरा में सदियों से यह माना गया है कि “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्” — यानी स्वस्थ शरीर ही जीवन के सभी पुरुषार्थों की प्राप्ति का आधार है। उन्होंने कहा कि दुनिया के करीब 200 देश अब योग से जुड़ रहे हैं और वैश्विक स्तर पर इसके प्रति लालसा बढ़ रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के युवाओं को दुनिया में जाकर योग की परंपरा का प्रचार करना चाहिए और विश्व को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने योग को भारत की ऋषि परंपरा की देन बताया। उन्होंने कहा कि आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारत ने एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी गौरवशाली पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत की इस प्राचीन विरासत को वैश्विक मान्यता दिलाने का महत्वपूर्ण काम किया, जिससे 140 करोड़ भारतीयों को दुनिया में गर्व के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला।
e-आयुष पत्रिका का विमोचन
झांसी के कार्यक्रम में एक और उल्लेखनीय पहल देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने आयुष विभाग, उत्तर प्रदेश की e-आयुष पत्रिका का विमोचन किया। यह पत्रिका आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को डिजिटल माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष मंत्रालय के रूप में देश में आधिकारिक मान्यता दी। उन्होंने कहा कि जितना हम इसका उपयोग करेंगे, यह उतना ही अपने और देश के लिए हितकारी होगा। स्वस्थ मस्तिष्क से स्वस्थ बुद्धि और स्वस्थ आत्मा का विकास होता है — यही योग का मूल सन्देश है।
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महोबा और हमीरपुर को विकास की सौगात
योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड को विकास की बड़ी सौगात दी। महोबा में उन्होंने ₹697 करोड़ से अधिक की लागत की 88 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद हमीरपुर में ₹636 करोड़ से अधिक की 75 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन योग की चेतना, विकास की प्रतिबद्धता और बुंदेलखंड की असीम संभावनाओं को समर्पित है।
प्रदेश में योग दिवस का उत्साह राज्यपाल स्तर तक दिखा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन के लॉन में सुबह छह बजे आयोजित सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया। भाजपा ने भी प्रदेशभर में बूथ और मंडल स्तर तक “योग से निरोग” का संदेश देते हुए जन-जन को योग से जोड़ने का प्रयास किया।

