लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज होने लगी हैं। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार 24 मई 2026 को लखनऊ के 12 मॉल एवेन्यू स्थित आवास पर BSP उत्तर प्रदेश स्टेट यूनिट की एक बड़ी, विशेष एवं अति-महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित किया। बैठक में आकाश आनंद, आनंद कुमार और BSP के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के साथ पार्टी की पोलिंग बूथ स्तर तक की प्रमुख कार्यकर्ताओं, विधानसभा, जिला एवं स्टेट कमेटी के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। मायावती ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें, जनाधार बढ़ाएं और प्रदेश में पाँचवीं बार BSP सरकार बनाने के मिशन को हर हाल में पूरा करें।
पाँचवीं बार सरकार बनाने का मिशन
बैठक के बाद जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में मायावती ने कहा कि पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना, जनाधार बढ़ाना और विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर गंभीरता से काम करना समय की माँग है। उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक हालात और चुनावी चुनौतियों को देखते हुए BSP को और अधिक चुस्त-दुरुस्त एवं मुस्तैद बनने की जरूरत है। मायावती ने दावा किया कि यूपी में BSP के पक्ष में जनरुझान बढ़ रहा है और पार्टी का लक्ष्य प्रदेश में पाँचवीं बार सर्वजन हिताय सरकार बनाना है।
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पिछली बैठक की प्रगति रिपोर्ट — संतोष लेकिन और काम की जरूरत
मायावती ने बैठक में पिछली बैठक के निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट पर संतोष व्यक्त किया — लेकिन साथ ही कहा कि देश में जिस प्रकार चुनावों में नई-नई चुनौतियाँ सामने आ रही हैं उसे देखते हुए पार्टी की तैयारियों को और भी अधिक चुस्त-दुरुस्त व मुस्तैद बनाने की जरूरत है। उन्होंने धुर्म-आधार और झगड़ालू तत्वों से दूर रहने की हिदायत देते हुए कहा कि 2007 की तरह पूरी तरह से मैदान में उतरकर काम करना होगा। मायावती ने हाल ही में सम्पन्न हुए पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनसे समुचित सबक लेने की जरूरत है और यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही न बरती जाए।
विपक्षी दलों की राजनीति पर हमला
BSP सुप्रीमो ने बिना नाम लिए विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं — लेकिन चुनाव खत्म होते ही सरकारें अपने वादों को भूल जाती हैं। उन्होंने कहा कि “जनता विरोधी पार्टियों की संकीर्ण व छलावापूर्ण राजनीति” से खुद को बचाने की अपील करते हुए लोगों से कहा कि आत्मसम्मान के साथ जीना मुश्किल हो जाना क्या अच्छी बात है। मायावती ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि लोगों को जागरूक करें कि “उनका वोट ही सबसे बड़ा अधिकार और हथियार” है।
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रोजगार, महंगाई और कानून व्यवस्था — बड़े मुद्दे
मायावती ने कहा कि बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठ-समर्थक नीति व राजनीति के चलते आम जनता का अहित हो रहा है। बेरोजगारी, महंगाई, नए-नए नियम-कानून और आर्थिक दबावों के कारण आम जनता का जीवन कठिन हो गया है। उन्होंने सरकारों से रोजगार-रोटी, शांति-सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था जैसे जनहित की जिम्मेदारी पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। मायावती ने 2007 की BSP सरकार का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में सर्वसमाज को सम्मान और भागीदारी देने का काम BSP ने किया था। उन्होंने दावा किया कि ब्राह्मण समाज समेत तमाम कमजोर तबकों को BSP शासन में उचित सम्मान मिला और “सर्वसमाज का हित केवल BSP में सुरक्षित” है। बैठक में बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने की रणनीति भी बनाई गई।
BSP के लिए 2027 — अस्तित्व की लड़ाई
2022 के विधानसभा चुनाव में BSP को करारी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में 2027 का चुनाव BSP के लिए अपने सियासी अस्तित्व को बचाए रखने की सबसे बड़ी चुनौती है। मायावती UP में 4 बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और 5वीं बार सत्ता में वापसी उनका सबसे बड़ा राजनीतिक लक्ष्य है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह बैठक BSP के लिए 2027 की चुनावी लड़ाई का बड़ा संकेत है।
