लखनऊ। 19 मार्च 2017 — वह तारीख जब योगी आदित्यनाथ ने पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। तब राज्य की पहचान थी — गुंडाराज, माफियाराज, BIMARU राज्य का ठप्पा और निवेशकों से मुँह मोड़ता एक पिछड़ा प्रदेश। आज 9 साल बाद — 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले — यह सवाल स्वाभाविक है कि उत्तर प्रदेश वाकई बदला है या सिर्फ दावे बदले हैं? आँकड़े क्या कहते हैं — और जमीन पर क्या दिखता है?
अर्थव्यवस्था — दोगुनी से ज़्यादा हुई GDP
यह वह क्षेत्र है जहाँ योगी सरकार के आँकड़े सबसे मजबूत हैं। 2016-17 में जो GDP मात्र ₹13.30 लाख करोड़ थी वह 2024-25 में बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ हो गई — यानी लगभग ढाई गुना। 2025-26 में यह ₹36 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और राष्ट्रीय GDP में 9.5% योगदान दे रहा है।
- 📌 GDP 2016-17: ₹13.30 लाख करोड़ → 2024-25: ₹30.25 लाख करोड़
- 📌 राज्य बजट दोगुना → ₹8.33 लाख करोड़
- 📌 निवेश प्रस्ताव: ₹50 लाख करोड़ से अधिक
- 📌 WEF 2026 में ₹2.94 लाख करोड़ के MoU साइन
- 📌 UP अब देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
हालाँकि विपक्ष का तर्क है कि निवेश प्रस्ताव और धरातल पर वास्तविक रोजगार सृजन के आँकड़े अलग-अलग हैं। स्वतंत्र एजेंसियों के अनुसार रोजगार की स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है।
बुनियादी ढाँचा — एक्सप्रेसवे से हवाई अड्डों तक
यह वह क्षेत्र है जो सबसे अधिक आँखों को दिखता है। 2017 में जहाँ मात्र 2 हवाई अड्डे थे वहाँ आज 16 हवाई अड्डे काम कर रहे हैं। एक्सप्रेसवे नेटवर्क में UP देश के किसी भी राज्य से आगे है।
- 📌 हवाई अड्डे: 2 से बढ़कर 16 बने — हालाँकि कुछ अभी पूरी तरह चालू नहीं
- 📌 6 एक्सप्रेसवे पूर्ण — 11 और निर्माणाधीन
- 📌 मेट्रो: नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर, आगरा
- 📌 125 नए नगर निकाय स्थापित
- 📌 17 स्मार्ट सिटी विकसित
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स्वास्थ्य — मेडिकल कॉलेजों की क्रांति
1947 से 2017 तक 70 वर्षों में उत्तर प्रदेश में मात्र 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज बने। योगी सरकार ने 9 साल में 80 नए मेडिकल कॉलेज बनाए — जिनमें 44 सरकारी और 36 निजी हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज का सपना अब हकीकत के करीब है।
- 📌 1947-2017: मात्र 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज
- 📌 2017-2025: 80 नए मेडिकल कॉलेज — 44 सरकारी + 36 निजी
- 📌 आयुष्मान भारत में UP देश में पहले स्थान पर
- 📌 हर जिले में मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य
विपक्ष का तर्क है कि ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी और बुनियादी दवाओं की अनुपलब्धता अभी भी एक बड़ी समस्या है।
कृषि — किसानों की स्थिति
2017 में जहाँ किसान कर्ज के बोझ तले दबे थे और गन्ना भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था — वहाँ अब स्थिति बदली है। सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में ही किसानों का ₹36,000 करोड़ का कृषि ऋण माफ किया। गन्ना किसानों को राहत देते हुए प्रति कुंटल मूल्य बढ़ाकर ₹400 तक पहुँचाया गया।
- 📌 ₹36,000 करोड़ का किसान कर्ज माफ
- 📌 ₹2.8 लाख करोड़ से अधिक गन्ना भुगतान
- 📌 गन्ना मूल्य: ₹400 प्रति कुंटल
- 📌 कृषि विकास दर: 13.5% से अधिक
- 📌 PM किसान सम्मान — करोड़ों किसानों को लाभ
विपक्ष का तर्क है कि छोटे और भूमिहीन किसानों तक योजनाओं का लाभ पूरी तरह नहीं पहुँचा।
रोजगार — सरकार का दावा बनाम जमीनी सच्चाई
रोजगार वह मुद्दा है जो 2027 में सबसे ज्यादा असर डाल सकता है। सरकार का दावा है कि 9 साल में देश में किसी भी राज्य से अधिक — 9 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियाँ बिना घोटाले के, पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया से भरी गईं। इनमें पुलिस में 2.19 लाख, शिक्षा में 1.26 लाख और स्वास्थ्य, राजस्व व अन्य विभागों में बड़ी संख्या में भर्तियाँ शामिल हैं। 2026 में 1.5 लाख और पदों पर भर्ती का लक्ष्य है — जिससे 10 साल में 10 लाख सरकारी नौकरियों का रिकॉर्ड बनेगा।
निजी क्षेत्र में भी 96 लाख MSME इकाइयाँ 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। बड़े औद्योगिक संस्थानों की संख्या 14,000 से बढ़कर 32,000 से अधिक हो गई है।
- 📌 9 लाख+ सरकारी नौकरियाँ — 9 साल में
- 📌 पुलिस में 2.19 लाख भर्तियाँ
- 📌 96 लाख MSME — 3 करोड़ से अधिक रोजगार
- 📌 बड़े उद्योग: 14,000 → 32,000+
- 📌 2026 में 1.5 लाख और भर्तियों का लक्ष्य
हालाँकि विपक्ष और स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी नौकरियों की संख्या प्रदेश के करोड़ों युवाओं की जरूरत के मुकाबले नाकाफी है। UPSSSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं में देरी की शिकायतें अभी भी आती हैं। युवाओं का पलायन — खासकर पूर्वांचल और बुंदेलखंड से — अभी पूरी तरह नहीं रुका है।
कानून व्यवस्था — अपराध में गिरावट के दावे
योगी सरकार की सबसे बड़ी पहचान बनी है — जीरो टॉलरेंस पॉलिसी। 2017 से पहले जहाँ अपराधियों का बोलबाला था वहाँ अब माफिया नेटवर्क ध्वस्त करने के दावे किए जा रहे हैं। CCTV नेटवर्क, डिजिटल पुलिसिंग और एंटी-माफिया अभियान ने राज्य की छवि बदलने में भूमिका निभाई है।
- 📌 संगीन अपराधों में 85% की गिरावट — सरकारी दावा
- 📌 डकैती में 84.41% कमी
- 📌 लूट में 77.43% कमी
- 📌 222 से अधिक अपराधी मुठभेड़ में मारे गए
- 📌 68 माफिया सरगनाओं के खिलाफ मामले
- 📌 अवैध संपत्ति जब्ती — ₹14,200 करोड़ से अधिक
विपक्ष का तर्क है कि मुठभेड़ों की निष्पक्षता पर सवाल हैं। मानवाधिकार संगठनों ने कई एनकाउंटर की जाँच की माँग की है।
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बिजली — शहर जगमग, गाँव अभी बाकी
2017 से पहले 12 से 18 घंटे बिजली कटौती आम बात थी। सौभाग्य योजना के तहत लाखों घरों को पहली बार बिजली कनेक्शन मिला। शहरी क्षेत्रों में बिजली की स्थिति बेहतर हुई है।
- 📌 2017 से पहले — 12-18 घंटे कटौती
- 📌 अब शहरों में — 20-22 घंटे बिजली का दावा
- 📌 सौभाग्य योजना — लाखों नए कनेक्शन
- 📌 विपक्ष — ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अनियमित आपूर्ति
- 📌 हाल ही में लखनऊ MLA ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र
महिला सुरक्षा — मिली-जुली तस्वीर
एंटी-रोमियो स्क्वाड, महिला PAC बटालियन और रात की पाली में महिलाओं के लिए PRV सेवा — ये सब सरकार की उपलब्धियाँ हैं। लेकिन NCRB के आँकड़े एक अलग तस्वीर पेश करते हैं।
- 📌 एंटी-रोमियो स्क्वाड — सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा
- 📌 3 महिला PAC बटालियन स्थापित
- 📌 रात की पाली में महिलाओं के लिए PRV सेवा
- 📌 विपक्ष — NCRB में UP महिला अपराध में शीर्ष राज्यों में
- 📌 उन्नाव, हाथरस जैसे मामलों ने उठाए गंभीर सवाल
धर्म और संस्कृति — विरासत को मिली नई पहचान
योगी सरकार के 9 सालों में उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को एक नया आयाम मिला। राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकुंभ — ये तीन ऐसी उपलब्धियाँ हैं जो 2027 के चुनाव में भी BJP के लिए सबसे बड़ा हथियार बन सकती हैं।
- 📌 श्री राम मंदिर — 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा
- 📌 काशी विश्वनाथ कॉरिडोर — वाराणसी की कायापलट
- 📌 महाकुंभ 2025 — 45 करोड़ श्रद्धालु — इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन
- 📌 मथुरा-वृंदावन में विकास की नई लहर
- 📌 विपक्ष — धार्मिक विकास के नाम पर सामाजिक ध्रुवीकरण का आरोप
शिक्षा — सरकारी स्कूलों का कायापलट
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ। UP Board के परिणामों में पारदर्शिता बढ़ी और नकल माफिया पर शिकंजा कसा गया।
- 📌 ऑपरेशन कायाकल्प — शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लासरूम
- 📌 9 नई यूनिवर्सिटी स्थापित
- 📌 UP Board — नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई
- 📌 विपक्ष — प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी अभी भी
पर्यटन — देश का नंबर 1 पर्यटन राज्य
उत्तर प्रदेश आज देश का सबसे अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने वाला राज्य बन चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के विकास ने पर्यटन को नई ऊँचाई दी है।
- 📌 UP — देश का नंबर 1 पर्यटन राज्य
- 📌 महाकुंभ से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प को सीधा लाभ
- 📌 विदेशी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि
- 📌 विपक्ष — छोटे पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव
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2027 — जनता की असली परीक्षा
2017 में 312 सीटें और 2022 में 255 सीटें — दोनों बार BJP को पूर्ण बहुमत मिला। 2027 में क्या होगा — यह इस बात पर निर्भर करेगा कि महँगाई और बेरोजगारी के मुद्दे हावी होंगे या राम मंदिर और कानून व्यवस्था का मुद्दा फिर काम आएगा। क्या विपक्ष एकजुट हो पाएगा — यह भी बड़ा सवाल है।
9 साल में उत्तर प्रदेश बदला है — इसमें कोई शक नहीं। GDP दोगुनी हुई, हवाई अड्डे बढ़े, मेडिकल कॉलेज बने। लेकिन बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और ग्रामीण बिजली जैसे मुद्दों पर अभी भी काम बाकी है। यह सवाल 2027 में मतदान केंद्र पर जनता तय करेगी।
