नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में अप्रैल में हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन की जांच अब एक नए और गंभीर मोड़ पर आ पहुंची है। SIT जांच में पता चला है कि आंदोलन में उकसाने के आरोप में गिरफ्तार सत्यम वर्मा के निजी बैंक खातों में पिछले करीब ढाई साल में चीन, यूके और नेपाल समेत कई देशों से डॉलर, पाउंड और यूरो के रूप में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा हुई। इसके बाद सत्यम ने यह रकम तुरंत अपने अन्य खातों में स्थानांतरित कर दी। पुलिस का कहना है कि इस रकम का इस्तेमाल आंदोलन भड़काने में किया गया। मामले में हवाला कनेक्शन की भी गहन छानबीन चल रही है।
13 अप्रैल को क्या हुआ था
नोएडा में 13 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर शुरू हुआ श्रमिक आंदोलन देखते ही देखते हिंसक हो गया। 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ की गई और दो दर्जन से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और औद्योगिक क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि कुछ संगठकों ने आंदोलन को जानबूझकर भड़काया था। इसमें मजदूर बिगुल दस्ता का नाम प्रमुखता से सामने आया। पुलिस ने हिंसा फैलाए जाने की मुख्य भूमिका में सत्यम वर्मा और आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA के तहत कार्रवाई की। फिलहाल दोनों जेल में हैं।
चीन और UK कनेक्शन — साजिश की आशंका
SIT जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि सत्यम वर्मा के दो अलग-अलग बैंक खातों में विदेश से भारी रकम आई। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह रकम नेपाल, चीन और यूके से भेजी गई। पुलिस का मानना है कि कहीं विदेशी फंडिंग के जरिए बड़े स्तर पर आंदोलन और हिंसा को हवा देने की साजिश तो नहीं रची गई। सत्यम वर्मा कई संगठनों से जुड़ा है जिनकी अभी गहन जांच चल रही है। बैंक खातों के सभी लेनदेन का विश्लेषण किया जा रहा है। इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए रूपेश और आदित्य आनंद की भूमिका की भी अलग से पड़ताल हो रही है।
CP लक्ष्मी सिंह का बयान
नोएडा पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि सत्यम वर्मा और आकृति चौधरी पर NSA लगाया जा चुका है। हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और अराजकता फैलाने में दोनों की सीधी भूमिका जांच में सामने आई थी। उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग के इस पूरे नेटवर्क को उजागर करना पुलिस की प्राथमिकता है।
कोर्ट में जमानत पर सुनवाई टली
जिला एवं सत्र न्यायालय में आकृति और सत्यम वर्मा की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। पुलिस की ओर से केस डायरी समय पर नहीं पहुंचाए जाने से सुनवाई प्रभावित हुई। आकृति की याचिका पर अगली सुनवाई 18 मई को तय की गई है। सत्यम वर्मा की अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया है — जिसके एक-दो दिन में आने की संभावना है। इसके अलावा पुलिस ने सोनू, विशाल समेत 25 आरोपियों की कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है।
NSA क्या है और क्यों लगाया
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA एक ऐसा कानून है जिसके तहत किसी व्यक्ति को सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने की आशंका में बिना मुकदमे के 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है। पुलिस ने सत्यम और आकृति पर यह कानून इसलिए लगाया क्योंकि जांच में उनकी हिंसा भड़काने में सीधी भूमिका पाई गई थी और विदेशी फंडिंग का संदिग्ध नेटवर्क भी सामने आया।
