देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कर-करेतर, रिट, ऑडिट, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, चकबंदी, आबकारी विभाग, राजस्व, CM डैशबोर्ड और IGRS समेत विभिन्न विभागों के कामकाज की विस्तार से समीक्षा की गई। DM ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के साथ राजस्व वसूली में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
क्यों जरूरी है यह बैठक
जिले में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों और राजस्व वसूली की धीमी रफ्तार को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क है। CM डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग और प्रदर्शन सीधे इन्हीं विभागों के काम पर निर्भर करता है। इसीलिए DM हुल्गी समय-समय पर इस तरह की व्यापक समीक्षा बैठकें आयोजित करते हैं ताकि कोई भी विभाग पीछे न रहे और आम जनता को उसके अधिकार और सेवाएं समय पर मिलें।
अवैध कब्जे पर सख्त रुख
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला देवरिया जिले में लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले बड़ी संख्या में लंबित हैं। DM ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार की जाए और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जो भी अधिकारी इन मामलों में ढिलाई बरतेंगे उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।
चकबंदी और राजस्व विभाग
चकबंदी से जुड़े मामले किसानों के लिए बेहद संवेदनशील होते हैं। जमीन के बंटवारे और सीमाओं से जुड़े विवाद अगर लंबे समय तक लटके रहें तो किसान परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। DM ने चकबंदी विभाग के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर उनके त्वरित निपटान के निर्देश दिए। राजस्व विभाग को भी वसूली के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए कहा गया।
CM डैशबोर्ड और IGRS — पारदर्शिता की कसौटी
CM डैशबोर्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वह डिजिटल प्रणाली है जिस पर प्रदेश के हर जिले का प्रदर्शन रियल टाइम में मॉनीटर किया जाता है। शिकायतों के निस्तारण, योजनाओं की प्रगति और विभागीय कामकाज — सब कुछ इस पर दर्ज होता है। IGRS यानी Integrated Grievance Redressal System पर आम नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। DM ने निर्देश दिया कि CM डैशबोर्ड और IGRS पर लंबित शिकायतों का तेजी से निस्तारण किया जाए ताकि जिले की रैंकिंग बेहतर हो।
आबकारी और ऑडिट
आबकारी विभाग की समीक्षा में अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों पर नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया — क्योंकि लंबित ऑडिट मामले सरकारी कामकाज में अनावश्यक अड़चन बनते हैं।
लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
DM हुल्गी ने बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी विभाग में लापरवाही और शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले का हर विभाग जनता के प्रति जवाबदेह है और सेवाओं में देरी आम लोगों के अधिकारों का हनन है।
