नोएडा। गौतम बुद्ध नगर जिले में काम करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। जिला प्रशासन और सम्यक–कलेक्टिव गुड फाउंडेशन के बीच एक पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन यानी MOU पर हस्ताक्षर किए गए। इस करार के तहत जिले के असंगठित श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं, जागरूकता कार्यक्रम और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच को और अधिक सुलभ बनाया जाएगा।
श्रमिकों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम
नोएडा औद्योगिक क्षेत्र में लाखों असंगठित मजदूर कार्यरत हैं — निर्माण मजदूर, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले और दिहाड़ी मजदूर। इन श्रमिकों की सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का अभाव है। अधिकांश श्रमिक न तो सरकारी योजनाओं से जुड़े होते हैं और न ही उन्हें अपने अधिकारों की पूरी जानकारी होती है। इस MOU के जरिए इसी खाई को पाटने की कोशिश की जा रही है।
DM मेधा रूपम की पहल
जिलाधिकारी मेधा रूपम श्रमिकों के हितों को लेकर पहले से सक्रिय रही हैं। इससे पहले 1 मई को श्रमिक दिवस पर उन्होंने जिले के 201 सरकारी और निजी अस्पतालों में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कराए थे। अब इस MOU के जरिए यह प्रयास एक संस्थागत और दीर्घकालिक रूप लेने जा रहा है। मेधा रूपम 2014 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी हैं। उन्होंने 2013 की UPSC परीक्षा में AIR-10 हासिल किया था। वे गौतम बुद्ध नगर की पहली महिला जिलाधिकारी हैं।
क्या मिलेगा श्रमिकों को
इस पांच वर्षीय करार के तहत श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सहायता मिलेगी। साथ ही स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बीमारियों की रोकथाम और पोषण के बारे में जानकारी दी जाएगी। सरकारी कल्याण योजनाओं जैसे ई-श्रम कार्ड, आयुष्मान भारत और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से उन्हें जोड़ने का काम भी इस पहल के तहत होगा।
सम्यक–कलेक्टिव गुड फाउंडेशन की भूमिका
सम्यक–कलेक्टिव गुड फाउंडेशन एक सामाजिक संस्था है जो वंचित तबकों के उत्थान के लिए काम करती है। जिला प्रशासन के साथ इस साझेदारी से संस्था की जमीनी पहुंच और प्रशासन का नीतिगत समर्थन मिलकर एक प्रभावी मॉडल तैयार कर सकते हैं।
यह करार इस बात का प्रमाण है कि सरकारी तंत्र और सामाजिक संस्थाएं मिलकर काम करें तो उन लोगों तक भी सुविधाएं पहुंच सकती हैं जो अब तक व्यवस्था की परिधि से बाहर रहे हैं।
