नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio शनिवार को नई दिल्ली पहुँचे और सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। करीब एक घंटे चली इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति, क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों, ऊर्जा संकट और द्विपक्षीय व्यापार जैसे विषयों पर गंभीर मंथन किया। बैठक के दौरान Rubio ने राष्ट्रपति Donald Trump की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी को White House आने का निमंत्रण भी दिया। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब दोनों देशों के बीच व्यापार और आव्रजन को लेकर कुछ तनाव के बाद संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश हो रही है।
PM मोदी ने क्या कहा?
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का स्वागत करके उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति की समीक्षा हुई और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति-सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने कहा — “भारत और अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।”
Trump का White House निमंत्रण — Sergio Gor ने की पुष्टि
बैठक के बाद अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने सोशल मीडिया पर लिखा — “Secretary Marco Rubio ने President Donald Trump की ओर से PM Modi को नजदीकी भविष्य में White House आने का आधिकारिक निमंत्रण दिया।” Gor ने यह भी बताया कि बैठक में सुरक्षा, व्यापार और अत्याधुनिक तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सकारात्मक बातचीत हुई। उन्होंने भारत को अमेरिका का एक अहम और विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार बताया।
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Rubio की यात्रा — पहला भारत दौरा
यह Marco Rubio की विदेश मंत्री के रूप में भारत की पहली यात्रा है — हालाँकि इससे पहले वे अमेरिकी सीनेटर और संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर भारत आ चुके हैं। 23 से 26 मई तक चलने वाले इस चार दिवसीय दौरे में वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे और Quad विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे।
ऊर्जा सुरक्षा — सबसे बड़ा एजेंडा
इस यात्रा के केंद्र में ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा रही। होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट और ईरान युद्ध के चलते भारत की तेल आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। भारत नए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में है। दौरे से पहले ही Rubio ने स्पष्ट संकेत दे दिया था कि वाशिंगटन भारत को अधिक से अधिक अमेरिकी ऊर्जा बेचने को तैयार है।
इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक चर्चा हुई। अमेरिकी राजदूत Sergio Gor भी इस बैठक में मौजूद रहे।
भारत-अमेरिका संबंध — नई ऊँचाई की ओर
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक और ऊर्जा — हर मोर्चे पर सहयोग तेजी से बढ़ा है। Marco Rubio की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। दोनों देशों के बीच Quad फ्रेमवर्क के तहत सहयोग भी लगातार गहरा हो रहा है।
