महोबा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मुश्किलें शनिवार को उस वक्त बढ़ गईं जब महोबा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में महोबा शहर कोतवाली में उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। इस मामले में अजय राय के साथ पूर्व कांग्रेस सचिव बृजराज अहिरवार और करीब 25 से 30 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। हालाँकि अजय राय ने पूरे मामले पर पलटवार करते हुए कहा कि वे महोबा की एक पीड़ित दलित बच्ची के लिए न्याय माँगने गए थे — और इसके लिए वे किसी भी कार्रवाई से नहीं डरते।
महोबा दौरे पर क्या हुआ?
शुक्रवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय महोबा दौरे पर गए थे। महोबा में एक दलित बच्ची के साथ 16 दिनों तक हुई दरिंदगी के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने और न्याय की माँग करने के लिए वे वहाँ पहुँचे थे। इस दौरान अपने समर्थकों के साथ निकलते वक्त उन्होंने एक वीडियो में PM मोदी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
यह भी पढ़ें: UP में बाहुबलियों पर हाईकोर्ट का शिकंजा — 26 मई को अगली सुनवाई
किसने दर्ज कराई FIR?
महोबा के भाजपा नेता और अधिवक्ता नीरज कुमार रावत की तहरीर पर पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज किया। महोबा ASP वंदना सिंह ने बताया कि 22 मई को सोशल मीडिया के जरिए वीडियो प्राप्त हुई — जिसमें अजय राय अपने समर्थकों के साथ सार्वजनिक रास्ते को अवरुद्ध करते हुए और सरकारी कामकाज में बाधा डालते हुए दिख रहे थे — और इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की।
PM मोदी ने की थी Ajay Rai की स्वास्थ्य की कामना
इस पूरे मामले में भाजपा के राष्ट्रीय आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ दिन पहले जब अजय राय अस्वस्थ थे — उस वक्त प्रधानमंत्री मोदी ने खुद उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की थी। मालवीय ने सवाल उठाया कि जिन प्रधानमंत्री ने उनकी तबियत की चिंता की — उन्हीं के खिलाफ अजय राय कैमरे पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई दिए।
अजय राय का पलटवार — “जेल जाने को तैयार हूँ”
FIR दर्ज होने के बाद अजय राय ने किसी भी दबाव में आने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा —
“मैं महोबा गया था — वहाँ एक दलित बच्ची के साथ 16 दिनों तक बलात्कार हुआ। उसे नशे के इंजेक्शन लगाए गए। मैंने सिर्फ उस बच्ची के लिए न्याय माँगा। भाजपा को यह नागवार गुजरा। सरकार चाहे तो मुझ पर 100 मुकदमे दर्ज करे — मैं जेल जाने को तैयार हूँ — लेकिन उस बच्ची को इंसाफ मिलना चाहिए।”
यह भी पढ़ें: UP में 2027 चुनाव की तैयारी — योगी सरकार का 9 साल का सफरनामा
महोबा दलित मामला — क्या है पूरा मामला?
महोबा जिले में एक दलित नाबालिग बच्ची के साथ 16 दिनों तक बलात्कार का मामला सामने आया था। पीड़िता को नशे के इंजेक्शन लगाकर बंधक बनाए रखने और अमानवीय यातनाएँ देने के आरोप हैं। इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने योगी सरकार को घेरा है। अजय राय के महोबा दौरे का उद्देश्य इसी मामले में पीड़ित परिवार को समर्थन देना था।
AI वीडियो का आरोप
अजय राय ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ AI की मदद से बनाए गए फर्जी वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। हालाँकि पुलिस का कहना है कि जाँच जारी है।
